एक महीने से पीजीआई अस्पताल में था भर्ती, आर्थिक तंगी से नहीं हो पा रहा था इलाज
आठ-नौ महीने से मुश्ताक अली चल रहा था बीमार
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पिछले आठ-नौ महीने से लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी जूझ रहे पीजीआई अस्पताल में भर्ती 61 वर्षीय मुश्ताक अली ने सोमवार ब्लेड से अपना गला रेत कर लहुलुहान हो गया। सूचना मिलते जबतक पुलिस और अस्पताल के डॉक्टर मौके पर पहुंचते कि इससे पहले वह आखिरी सांस ले ली। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद के मुताबिक मूल रूप से जनपद बस्ती निवासी 61 वर्षीय मुश्ताक अली पिछले आठ-नौ महीने से लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने बताया कि वह करीब एक महीने से पीजीआई अस्पताल में भर्ती थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार को बगल में भर्ती मरीज ने मुश्ताक अली के गले खून बहता देख इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी। मौके पर पहुंची डॉक्टरों की टीम आनन-फानन में इलाज शुरू किया, लेकिन मुश्ताक अली ने दम तोड़ दिया।
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि मुश्ताक अली की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज पीजीआई अस्पताल में करीब एक महीने से चल रहा था कि बीमारी से तंग आकर मुश्ताक अली ने गले पर ब्लेड से वारकर हमेशा के लिए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।




