लखनऊ। (संवाददाता) पिछले कुछ दिनों से लेकर अभी तक पुलिसकर्मी निलंबित हुए तो मानो हाहाकार मच गया, लेकिन कड़वा सच यह है कि यहां और भी सरकारी महकमे और मुलाजिम हैं कुर्सी के नीचे क्या होता है … किसी से छिपा नहीं है। इसकी बानगी प्रयागराज जिले में देखने को मिली, जहां मत्स्य विभाग में तैनात अधिकारी दीपांकर कुमार को 14 हजार रुपए की घूस लेते हुए एंटी-करप्शन टीम ने धरदबोचा। इससे पहले भी राजस्व विभाग में तैनात कई अधिकारी एवं कर्मचारी एंटी-करप्शन टीम के हत्थे चढ़ चुकें।
पुलिस भले ही बदनाम है, लेकिन अन्य महकमे में बैठे कुछ दागी कर्मी इससे अछूते नहीं हैं। पुलिस पर अक्सर अंगुलियां उठती रहती है कि इनके लिए कानून कायदे मायने नहीं रखते क्योंकि ये खाकी वर्दी पहनते हैं, लेकिन इन्हीं के बीच और भी सरकारी महकमा, जिनके लिए शोरगुल धीमी गति में चली जाती है क्योंकि पुलिस से कहीं बड़ा पद उनका होता है।
दरअसल यूपी पुलिस हो या फिर अन्य विभाग में कुछ दागदार हाकिमों व अपराध का नाता पुराना है। कुछ दिनों पहले और हाल ही में एंटी-करप्शन के हत्थे चढ़े पुलिस व अन्य विभागों के कर्मियों के काले कारनामे सामने आने पर यही लगा कि सिर्फ खाकी वर्दी वाले ही नहीं सादे वाले भी इस काम में पीछे नहीं हैं।




