पाए गए देश की लोकतान्त्रिक चुनी हुई सरकार के विरूद्ध युद्ध छेड़ने के प्रयत्न का षडयन्त्र करने के दोषी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एटीएस की प्रभावी पैरवी से प्रतिबन्धित संगठन सीपीआई (माओवादी) के तीन सदस्यों को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली है।
एटीएस के मुताबिक प्रतिबन्धित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सक्रिय सदस्य शिवराज सिंह बग्दावल, राजेन्द्र कुमार उर्फ अरविन्द व कृपाशंकर उर्फ मनोज नें उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बैठक कर देश में आतंक फैलाने औऱ भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध छेड़ने व प्रयास करने का षड़यंत्र आदि के मामले में आठ अक्टूबर 2010 को थाना किदवई नगर, जनपद- कानपुर नगर से उ.प्र. एसटीएफ नें गिरफ्तार किया था।जिनके कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबन्धित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) की विचारधारा से सम्बन्धित साहित्य, पम्पलेट, सीडी- कैसेट व मैगजीन बरामद हुए थे, जिन्हे वह संगठन के सदस्यों को वितरण करते थे। जिसको लेकर थाना किदवई नगर जनपद कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज कर इसकी विवेचना एटीएस को सौपी गई। विवेचना में एटीएस नें आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया।
इस मामले को लेकर एटीएस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं प्रभावी पैरवी के परिणाम स्वरूप विचारण न्यायालय लखनऊ नें आरोपियों को प्रतिबन्धित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य के रूप में देश की लोकतान्त्रिक चुनी हुई सरकार के विरूद्ध युद्ध छेड़ने का प्रयत्न का षडयन्त्र करने का दोषी पाते हुए प्रत्येक आरोपी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व 29-29 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।सजा पाये तीनो आरोपी शिवराज सिंह बग्दावल स्व० प्रेम सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट नौरा थाना अल्मोडा, उत्तराखण्ड व हालपता- 127/318 वाई ब्लॉक निराला नगर कानपुर नगर व राजेन्द्र कुमार उर्फ अरविन्द पुत्र घनश्याम निवासी छतगुल्ला थाना दवारघाट, जिला अल्मोडा, उत्तराखण्ड व कृपाशंकर उर्फ मनोज पुत्र स्व. इन्द्रासन सिंह निवासी दिलीप नगर, थाना-कसया, कुशीनगर के रहने वाले है।




