August 8, 2026 4:55 am

प्रेमी का विवाह हुआ तो लगा दिया दुष्कर्म का आरोप: अपने ही बुने जाल में फंस गई रिंकी

जांच के अदालत ने साढ़े तीन साल के लिए भेजा सलाखों के पीछे, जुर्माना भी लगा

ए अहमद सौदागर  लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र निवासी एक रिंकी नाम की लड़की और दीपक नाम के युवक के बीच करीब पांच वर्षों आंखें चार होती रही कि इसी दौरान लड़के का रिश्ता किसी और जगह तय हुआ और शादी भी हो गई। इसकी भनक लगते ही लड़की रिंकी का ग़ुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया और प्रेमी दीपक को फंसाने के लिए झूठी कहानी रच उसके खिलाफ दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के मुकदमा दर्ज करा दी थी।

पुलिस मुकदमा दर्ज कर दस्तावेज अदालत में पेश किया तो अदालत ने झूठा मुकदमा कराने वाली लड़की को साढ़े 3 साल जेल की सजा सुनाई और साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।

बताया जा रहा है कि अदालत ने इस मामले में सरकार से मिलने वाला पैसा भी रिंकी से वापस लेने का आदेश दिया है। बताते चलें कि मोहनलालगंज क्षेत्र भोदरी गांव निवासी रिंकी को विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने यह सजा सुनाई। यह भी अदालत ने फ़रमान जारी कर कहा कि जुर्माने की आधी रकम दीपक को दी जाएगी।

सनद रहे कि रिंकी ने 3 जून 2025 को अपने गांव के दीपक गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि रिंकी और दीपक का पिछले 5 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दीपक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता था। रिंकी ने आरोप लगाया था कि दीपक ने फरवरी, 2025 में किसी अन्य महिला से शादी कर ली। 30 मई को दीपक ने उसे अपने घर बुलाया, जहां उसकी मां, भाई उसके साथ मारपीट की है।

मेडिकल परीक्षण कराने से लड़की ने किया था मना

दीपक को झूठे केस में फंसाने वाली रिंकी ने अपना मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में पाया कि दीपक ने फरवरी में अन्य महिला के साथ विवाह कर लिया तो रिंकी उसको सबक सिखाना चाहती थी। इस वजह उसने यह कदम उठाया। दुराचार का कोई मामला नहीं बनता है। पीड़िता ने दीपक गुप्ता के वैवाहिक जीवन को क्षति पहुंचने के आशय से घर में घुसकर एवं जानबूझकर थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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