मौके से अवैध असलहा, कारतूस खोखा व मोटरसाइकिल बरामद
शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर हुई मुठभेड़ का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी के फिरोजाबाद जिले के रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को दिनदहाड़े लूट पाट को अंजाम देकर भाग रहे दो इनामी कुख्यात बदमाशों अंकित व सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। आमने-सामने की फायरिंग में बदमाशों की ओर से चली गोली से दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। एक सिपाही की हालत नाज़ुक देख डॉक्टरों ने आगरा के लिए रेफर किया है। एडीजी जोन आगरा एसके भगत के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी थे और इनका आपराधिक इतिहास लंबा है, जिसके बारे गहनता से छानबीन की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में मारे दोनों बदमाशों की पहचान इटावा निवासी अंकित उर्फ सीटू व सुमित के रूप में हुई है। एडीजी जोन आगरा एसके भगत के मुताबिक कुछ दिनों पहले इटावा जिले में दोनों अपराधियों ने एक डॉक्टर से लूटपाट करने के साथ ही चेन छीन कर भाग निकले थे।
शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर मोटरसाइकिल लूट कर भागते समय हुई मुठभेड़
सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की घेराबंदी देख बचने के लिए एक बच्चे को उठा लिया था गोद में
एक रेलवे स्टेशन के पास दो दूसरा दो किलोमीटर की दूरी पर हुआ ढेर
डकैत घनश्याम केवट की तरह घंटों हुई गोलियों की बौछार, तब जाकर दोनों कुख्यात बदमाशों का हुआ अंत
एडीजी जोन आगरा, आईजी रेंज, डीआईजी रेंज आगरा सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे
गौर करें तो 16 जून 2009 चित्रकूट जिले के जमोली गांव डकैत घनश्याम केवट और पुलिस के बीच घंटे-दो घंटे नहीं बल्कि करीब पचास घंटे गोलियों की बौछार हुई और इस मुठभेड़ में केवट का अंत हुआ, लेकिन इस मुठभेड़ में पुलिस के चार जवान शहीद हो गए थे, जबकि आधा दर्जन से अधिक जख्मी हो गए थे। डकैत एक बंदूक के सहारे पुलिस पर गोलियां बरसाते हुए ललकार रहा था, लेकिन बहादुर पुलिसकर्मियों ने आतंक का पर्याय बने डकैत घनश्याम केवट को मार गिराया था।
शुक्रवार को फिरोजाबाद, इटावा एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर दो कुख्यात बदमाश शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन के जरिए झारखंड भागने की फिराक में हैं।
इस सूचना पर एसओजी इटवा और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घेरेबंदी कर दोनों बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बेखौफ बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। पुलिस और बदमाशों के बीच दिनदहाड़े हुई मुठभेड़ की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आईजी व डीआईजी रेंज आगरा के अलावा दर्जन भर से अधिक थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि भारी संख्या में पुलिस बल देख खुद को बचने के लिए एक बदमाश ने वहां पर खेल रहे एक बच्चे को उठा लिया और ललकारते हुए पुलिस से कहा पीछे हट जाओ वरना… यह देख पुलिस टीम अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास ही ढेर कर दिया, जबकि दूसरा बदमाश दो किलोमीटर दूर भाग निकला था। पुलिस टीम पीछा कर उसे भी मार गिराया। लेकिन इस मुठभेड़ में पुलिस के दो बहादुर जवान गोली लगने से घायल हो गए।
एसओजी टीम के सिपाही डेविड चौहान व पुष्पेन्द्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया, जहां एक की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने आगरा के लिए रेफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस सर्च ऑपरेशन में करीब दो सौ पुलिसकर्मियों ने एक मक्का के खेत छिपे बदमाश को पकड़ने के लिए घेरेबंदी किया था। इस घटना ने करीब डेढ़ दशक पहले चित्रकूट जिले में हुई वारदात ने एक बार फिर याद दिला दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस के जवानों ने डकैत घनश्याम केवट को पकड़ने के लिए जाल बिछाया तो वह गन्ने के खेत में छिपकर पुलिस पर गोलियों की बौछार करता रहा। पुलिस के जवानों ने डकैत केवट को मार गिराया, लेकिन पुलिस के चार जवान भी शहीद हो गए थे, जबकि आधा दर्जन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।




