लखनऊ। (संवाददाता) फेडरेशन ऑफ़ उत्तर प्रदेश कैटरर्स (फुपसी) ने आज राजधानी लखनऊ स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से आगामी ‘फुपसी एजीएम एवं एक्सपो 2026’ की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी साझा की।
फेडरेशन ने बताया कि 14 और 15 जुलाई को आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय भव्य आयोजन कैटरिंग एवं हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों और संभावनाओं पर केंद्रित रहेगा।
प्रमुख बिंदु और मुख्य उद्देश्य
वैकल्पिक ईंधन और नवीन तकनीक: उद्योग को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने के उद्देश्य से ‘अल्टरनेट फ्यूल’ (वैकल्पिक ईंधन) के उपयोग और नवीन तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के साथ-साथ लागत को भी नियंत्रित व संतुलित किया जा सके।
पारंपरिक व्यंजनों का पुनरुद्धार
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की भावना के अनुरूप, इस एक्सपो के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पारंपरिक एवं विलुप्तप्राय व्यंजनों को पुनः पहचान दिलाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य यूपी की समृद्ध पाक विरासत (कुकरी हेरिटेज) को संरक्षित करना है।
सदस्यों के लिए मुफ्त दुर्घटना बीमा
फुपसी अपने सभी सदस्यों को मुफ्त दुर्घटना बीमा प्रदान कर रहा है, ताकि किसी अप्रिय घटना या असामयिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
कौशल विकास और ट्रेनिंग
कैटरिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान और कौशल विकास के लिए फेडरेशन द्वारा समय-समय पर मुफ्त ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने रेखांकित किया कि यह आयोजन देश की खाद्य संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दिलाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




