यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से दबोचा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप और अन्य दवाओं को नशे के रूप में अवैध भंडारण और व्यापार करने वाले आरोपी को लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र के शहीद पथ तिराहे पर राजभोग रेस्टोरेंट के पास सर्विस लेन, ट्रांसफार्मर के निकट से गिरफ्तार किया है।
पकड़े गये आरोपी का नाम भूपिंदर सिंह चौहान चौहान निवासी 27, आईटीआई रोड, जे0जे0 पुरम कॉलोनी, थाना सदर, सहारनपुर बताया गया है।जिसके पास से 2 मोबाइल फोन, 1 एटीएम कार्ड और 2300 रुपये बरामद हुए।
इस मामले में थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में पहले से धारा 420/ 467/ 468/ 471/ 34/120बी/201 आईपीसी का मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में वांछित आरोपियों की तलाश में यूपी एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को लगाया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में निरीक्षक अंजनी कुमार पचौरी की टीम लगी थी।यह टीम लखनऊ में भ्रमणशील थी। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को दबोचा गया।
पूछताछ में भूपिंदर ने बताया कि वह जनवरी 2006 में निकोलस पिरामल में एरिया मैनेजर बना, कंपनी एबॉट द्वारा खरीदे जाने के बाद एबॉट हेल्थकेयर हो गई। 2014 में उसने विशाल के नाम से वेट एजेंसीज के नाम से ड्रग लाइसेंस बनवाया और जीआर ट्रेडिंग फर्म बनाई।उसने लज्जा राम सैनी के माध्यम से सुपर डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली और पश्चिमी यूपी, उत्तराखंड, एमपी और छत्तीसगढ़ में बिलिंग की। बाद में बीएन फार्मेसीटीकल्स के नाम से सीएफए भी बनाया। आरोपी के अनुसार अलीगढ़, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ और मुरादाबाद के स्टॉकिस्टों को कफ सिरप बेचा जाता था। इस नेटवर्क में श्री बालाजी संजीवनी मेडिकॉस व आरएस फार्मा , मेडिस्ट्रॉ बायोटेक व एसएन फार्मा और एसके डिस्ट्रीब्यूटर्स जैसी फर्में भी शामिल थीं।
एसटीएफ के अनुसार फर्जी फर्मों वाशु इंटरप्राइजेज , अमर ट्रेडर्स , अंकित फार्म और कृष्णा फार्मा के नाम से ड्रग लाइसेंस, जीएसटी और बैंक खाते बनवाकर बिना बिल और कागजात के माल की तस्करी की जाती थी। माल त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल सीमा पर सक्रिय तस्करों तक पहुंचाया जाता था और भुगतान हवाला से होता था।
एसटीएफ और एफएसडीए की कार्रवाई के बाद दिसंबर 2024 से कंपनी ने फेंसिडिल कफ सिरप का निर्माण बंद कर दिया था। इससे पहले विमोर, विशाल, सचिन, बिट्टू आदि की गिरफ्तारी हो चुकी है।आरोपी को दाखिल कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।





