वारदात के समय पुलिस दिखती सख्त, रिपोर्ट दर्ज करते ही साध लेती चुप्पी
गोमतीनगर में हुईं बड़ी चोरी नें खोली पुलिस सक्रियता की कलई, चोरो का पता नहीं
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी में चोर खुलेआम इन दिनों बंद घरों को अपना निशाना बना रहे है। पुलिस केवल रिपोर्ट दर्ज कर कागजी कोरम पूर्ण कर हाथ पर हाथ रख कर बैठ जा रही है। माल लेकर चोर कहा गये यह किसी को भी पता नहीं लगता। यू तो राजधानी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोर तमाम घरों को अब तक निशाना बना चुके है। उनका पुलिस खुलासा करने में जुटी है। इसी तरह का मामला गोमतीनगर थाना क्षेत्र का प्रकाश में आया है। यहाँ हुईं करोड़ों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की सतर्कता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।यह चोरी की घटना विभूतिखंड क्षेत्र के विराज खंड-1 में बंद पड़े एक मकान की है। चोरो नें करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के गहने, नकदी और दुर्लभ पुराने नोटों-सिक्कों का कलेक्शन लेकर फरार हो गए।
हलाकि पुलिस को शक है कि घटना में किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।इस मामले की जांच पुलिस के साथ एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम कर रही है।विराज खंड-1के रहने वाले ओमप्रकाश मिश्रा अभियोजन विभाग से रिटायर्ड एडिशनल डायरेक्टर हैं। उनके दोनों बेटे उत्तराखंड में रहते हैं।यह लोग शनिवार को अपने मकान में ताला बंद कर उत्तराखंड गये थे।था। बुधवार सुबह जब ओमप्रकाश मिश्रा अपनी पत्नी मिथलेश, बेटे मृत्युंजय और बहू के साथ अपने घर लौटे तो मुख्य गेट बाहर से बंद मिला।
जब वह घर के अंदर गये तो साइड के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। घर के अंदर भी दो कमरों के ताले टूटे मिले। इसके अलावा अलमारियों के लॉकर खुले पड़े थे। लॉकर में रखे करीब एक करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने और कैश गायब मिला ।पुलिस जांच में पता चला है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया।
ओमप्रकाश मिश्रा ने पुलिस को बताया कि चोर साइड वाले दरवाजे को तोड़कर घर में दाखिल हुए और सीधे उन्हीं कमरों में पहुंचे जहां कीमती सामान रखा था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जिसे उनके व उनके घर की पूरी जानकारी थी।पुलिस को जाँच के दौरान पुलिस को चोरी वाले कमरे से बीड़ी का एक बंडल मिला है।पुलिस को शक है कि वारदात से पहले रेकी की गई है। पुलिस इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है।मकान से चोर सिर्फ जेवर और नकदी ही नहीं ले गए, बल्कि ओमप्रकाश मिश्रा के पुराने और दुर्लभ नोट तथा सिक्के ले गये। जिसमें 1 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के कई पुराने नोट और सिक्कों का कलेक्शन शामिल है।
परिवार की माने तो चोरी हुए इस दुर्लभ कलेक्शन की कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी जा रही है।
घटना की जानकारी पर विभूतिखंड पुलिस, एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर गईं। फॉरेंसिक टीम ने टूटी अलमारी, बेड और स्विच बोर्ड समेत कई जगहों से फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।पुलिस हाल ही में जेल से छूटे नकबजन अपराधियों और पुराने चोरी के मामलों में शामिल बदमाशों की हिस्ट्री खगालने में जुटी है।पुलिस संदिग्धों के फुटेज का मिलान कर रही है।इस घटना के खुलासे के लिये पुलिस टीम के साथ एसटीएफ को लगाया गया है। पुलिस अफसर कहते है कि टीमें लगी हुईं है। जल्द ही घटना का खुलासा करेगी।




