वारदात की जानकारी मिलते ही एसपी बाराबंकी सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे
पुलिस फोर्स जब-तक पहुंचते कातिल मौके से भाग निकले
पुरानी रंजिश सहित कई बिंदुओं पर पुलिस कर रही पड़ताल
सफेदाबाद क्षेत्र स्थित असैनी मोड़ के पास हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। रामपुर जिले के जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार को अधिवक्ता फारूक अहमद की गोली मारकर हुई हत्या का मामला थमा भी नहीं थमा कि अब बाराबंकी जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद के असैनी मोड़ के पास शुक्रवार को अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब असलहों से लैस बेखौफ बदमाशों ने मुख्तार अंसारी के करीबी बताए जाने वाले अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी को गोलियों से छलनी कर मौत की नींद सुला दिया।
अंधाधुंध हुई फायरिंग से क्षेत्र में दहशत फैल गई और स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई। बदमाशों ने जिस तरह से उसे गोलियों की बौछार कर मौत के घाट उतारा वह पुलिस के इकबाल पर सवाल है।
अधिवक्ता की सरेराह गोली मारकर हुई हत्या की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन एसपी बाराबंकी सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस पुरानी रंजिश सहित कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है।
पूरे घटनाक्रम पर एक नजर
बाराबंकी जिले के रहने वाले अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी कचहरी में अधिवक्ता थे और वह माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी माने जाने वाले शुक्रवार को अपनी बलिनो कार से कहीं जा रहे थे कि जैसे ही वह शहर कोतवाली क्षेत्र के सफेदाबाद के असैनी मोड़ पर पहुंचे थे कि तभी असलहों से लैस बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। गोली लगते ही शोएब किदवई उर्फ बॉबी की मौके पर ही मौत हो गई। बेखौफ होकर बदमाश उन पर गोलियां बरसा रहे थे। उन लोगों ने अधिवक्ता पर करीब 15 गोलियां चलाई, लेकिन उनके आधा दर्जन गोलियां लगी और गिर गए। पुलिस ने जिला अस्पताल भिजवाया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें गोली मारी, शरीर हिलाया फिर भागे
स्थानीय लोगों के ठिठक गए पांव, हमलावर अपने मंसूबों में कामयाब होकर असलहा लहराते हुए भाग निकले
बेखौफ हत्यारे अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। यही वजह है कि गोली मारने के हत्यारों ने उसका शरीर हिलाकर देखा उसके बाद असलहा लहराते हुए भागे। स्थानीय लोगों ने अधिवक्ता शोएब को बचाने के लिए आगे बढ़ते, लेकिन गोलियों की तड़तड़ाहट के आगे उनके पांव ठिठक गए।
असैनी मोड़ के आसपास रहने वाले लोगों ने शोएब को गोली मारते देख वहां मौजूद ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए दौड़े तो हत्यारों ने उनकी तरफ असलहा तान दिया और उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि गोलियों की बौछार के दौरान असैनी मोड़ पर भगदड़ मच गई और लड़खड़ाकर कई स्थानीय लोगों को गिरकर चोट लग गई। जबकि पुलिस अधिकारी इससे इन्कार कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोली मारने के बाद हत्यारों ने शोएब की शरीर को हिलाया और मरा देख असलहा लहराते हुए मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े अधिवक्ता की हत्या होने की खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।




