August 8, 2026 2:18 am

बिगड़ैल लाडलों के करतूतों पर एक नजर: पारिवारिक कलह ने बनाया कातिल 

जिसे गोद में खिलाया वहीं बन गए माता-पिता के खूनी 

बेटों के हाथों मां, पिता व दादी की हत्या ने सिर्फ परिवार को नहीं समाज को भी झकझोर कर रख दिया 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। 14 मई 2010- महानगर क्षेत्र पुलिस लाइन में 65 वर्षीय दादी रामवती व 47 वर्षीय पिता रमाशंकर साहू ने लाडले को गलत संगत से बचाने के लिए डांटा। नशा करता था, लिहाजा पैसे देना बंद कर दिया। सही रास्ते पर लाने के लिए संपत्ति से बेदखल करने की भी धमकियां दी, सुधरने के बजाए इंटर का 17 वर्षीय छात्र उत्कर्ष अपनों की जान का दुश्मन बन गया। पिता की सर्विस रिवॉल्वर से उसने अपने दरोगा पिता व दादी के सिर में एक-एक गोली उतार कर उन्हें मौत की नींद सुला दी।

बुधवार को आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल निवासी अक्षत प्रताप सिंह की तरह खूनी उत्कर्ष भी पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खुद को भी गोली मारकर घायल कर लिया था, लेकिन अपने ही बूने जाल में फंसकर सलाखों के पीछे पहुंच गया।

अक्टूबर 2025- पीजीआई के बाबू खेड़ा गांव निवासी डेयरी संचालक रमेश यादव की 45 वर्षीय पत्नी रेनू यादव ने अपने बेटे निखिल को ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना किया तो वह मां के ऊपर कहर बनकर बरस पड़ा और बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। खास बात यह है कि निखिल मां का जेवर लेकर भाग निकला और गुमराह करने के लिए कहा कि लुटेरों ने लूटपाट के दौरान उसकी मां की हत्या कर दी। लेकिन पुलिस ने मामले की छानबीन कर तो पता चला कि रेनू की जान किसी गैर ने नहीं बल्कि उसी के बिगड़ैल सपूत ने ही मारा था। ऑनलाइन गेम की लत ने बीए के छात्र उत्कर्ष को मां का कातिल बना दिया।

इन सनसनीखेज मामलों को लोगबाग भुला भी नहीं पाए थे कि एक और बिगड़ैल सपूत का करतूत सामने आया तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह ने अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा को पढ़ाई के लिए डांट-फटकार लगाई तो वह शुक्रवार को पिता की लाइसेंसी राइफल से सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया। बेरहम कलयुगी बेटे को इतने पर सब्र नहीं हुआ तो शव को टुकड़ों में काट कर कुछ हिस्सा घर के बाहर फेंक दिया तो कुछ हिस्सा ड्रम में डालकर घर में ही छिपा दिया।

बीते कुछ सालों पहले पुलिस लाइन और बीते साल पीजीआई क्षेत्र में हुई घटना की तरह खूनी अक्षत प्रताप सिंह ने भी पुलिस को गुमराह करने की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन अपने ही बूने जाल में फंस गया और सलाखों के पीछे पहुंच गया।

शर्मनाक: अपने ही माता-पिता को भी नहीं बख्शते बेरहम लाडले

जिस मां ने नौ महीने तक हर दर्द सहा और जन्म के बाद ठंड व बरसात झेलकर बेटों को पाल-पोस कर बड़ा किया और पिता ने अंगुलियां पकड़कर चलना सिखाया, लेकिन वही कलयुगी बेटों को माता-पिता की हत्या करने से वे नहीं हिचकते। पल भर में सीने में खंजर उतार देते हैं। ट्रिगर पर अंगुलियां भी नहीं कांपती है, लेकिन उनकी हरकतों से धरती का कलेजा फट जाता है।

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