रोड-शो में सभी दलों ने झोंकी अपनी-अपनी ताकत, ऊंट किस करवट बैठेगा फैसला 15 नवंबर को
लखनऊ। बिहार राज्य में गुरुवार को पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है। दो चरणों का मतदान होना है। विधानसभा क्षेत्र में लोकतंत्र का पहिया थम गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर भलाई बुराई के गुल खूब खिलाए जा रहे हैं। कोई महागठबंधन को कामयाबी की बुलंदी पर पहुंचा रहा है तो कोई एनडीए को।
इस चुनावी महापर्व पर भले ही तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हों, लेकिन कड़वा सच यह है कि जिसकी लाठी उसकी होती है भैंस ॽ
परिवारवाद और महागठबंधन बन रहा भाजपा की बड़ी चुनौती
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी की पूरी फौज बिहार राज्य में डेरा डाले हुए है तो वहीं दूसरी ओर महागठबंधन के वरिष्ठ नेताओं सहित प्रतिनिधि भी इस चुनावी दंगल में अपनी पूरी फौज उतार दी है।
बताया जा रहा है कि जिस पप्पू को सत्ता पक्ष हल्के में ले रहा था शायद अब वही पप्पू उनके लिए खतरे की घंटी बनता दिखाई दे रहा है।
सत्ता पक्ष में शामिल वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार खुद को भले विरासत मानकर चल रहे हों, लेकिन दिग्गज नेता लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव का विगुल विरासत को पटखनी लगाने के लिए पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
सपा सांसद इकरा हसन, शायर व कांग्रेसी नेता इमरान प्रतापगढ़ी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव या फिर राहुल गांधी ने रोड-शो कर हुंकार भरी तो यही लग रहा है कि तख्ता पलट सकता है, लेकिन दूसरी तरफ मूड़ कर देखें तो भाजपा पार्टी भी रोड-शो कर हुंकार भरी, जिसके मुख्य स्टार प्रचारक यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।
लोकतंत्र का पहिया थमने के बाद गुरुवार को पहले चरण का मतदान शुरू हुआ और चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के भाग्य ईवीएम मशीन में कैद होने शुरू हो गए हैं, ऊंट किस करवट बैठेगा इसका फैसला आगामी 15 नवंबर को होगा।




