न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कर्मी के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) तथा पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों और अन्य कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इससे हजारों कर्मियों एवं उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बिना आर्थिक बोझ के प्राप्त हो सकेगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, रसोइया तथा अन्य सहयोगी कार्मिक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा से लाभार्थियों को समय पर उपचार उपलब्ध होगा और उनके जीवन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी संचालन एवं लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए 4 जून को शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय, लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और नामित कार्मिकों को योजना के विभिन्न प्रावधानों, पंजीकरण प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद में नोडल कार्मिक नामित किए जाएंगे, जो पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण एवं योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की भी व्यवस्था की गई है, जिससे प्रदेश के सभी जनपदों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।





