August 8, 2026 2:14 am

बोगस फर्मो के जरिये जीएसटी चोरी करने के आरोपी को एसटीएफ नें दबोचा

ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एसटीएफ टीम बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवाइस/ई-वे बिल के जरिये जी०एस०टी० की चोरी कर लगभग 200 करोड़ से अधिक की राजस्व क्षति करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।गुजरात के अहमदाबाद के थाना कार्यालय, गायकवाड़ हवेली से गिरफ्तार मो अल्ताफ सोजतवाला के पास से एक लैपटाप व दो मोबाइल औऱ एक पेनड्राईव तथा 35700 रूपये नगद बरामद किया है।

एसटीएफ ने बताया कि सी०ए० आकश पीयूष सोनी, परवेज व अल्ताफ सोजतवाला द्वारा अहमदाबाद व भावनगर गुजरात में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है। सी०ए० आकाश पीयूष सोनी द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी प्रपत्रों के जरिये बोगस फर्म बनाता है, बिना किसी पर्चेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटता है। यह बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर रिटर्न कार्य किया जाता है।यह कार्य अल्ताफ सोजात व परवेज द्वारा विभिन्न वास्तविक फर्मों को लाभ पहुँचाने हेतु किया जाता है। वास्तविक फर्म धारक अपना जी०एस०टी० नम्बर, माल/ सेवा की किरन, मात्रा, कीमत का विवरण आकाश पीयूष को भेजा जाता था, जिस पर उनके द्वारा पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जी०एस०टी० पोर्टल पर अपलोड कराकर वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था। बोगस इनवाईसेज में अंकित तेल/परवेज की धनराशि को वास्तविक रूप देने के लिए सम्बन्धित फर्मों द्वारा बैंक खातों के माध्यम से सेल्स इनवाइस में अंकित रकम बोगस फर्म के खाते में ट्रांसफर दिखाई जाती है जिसे वास्तविक फर्म द्वारा कैश अथवा सर्कुलर ट्रेडिंग के माध्यम से वापस एकाउण्ट में प्राप्त कर लिया जाता था।आरोपी अल्ताफ सोजतवाला सी०ए० आकाश पीयूष की फर्म में एकाउण्टेण्ट का काम करता था, जिसके द्वारा बोगस फर्मों के रजिस्ट्रेशन, फर्जी इनवाईस / ई-वे बिल तैयार करना, जी०एस०टी० रिटर्न दाखिल करने सम्बन्धी कार्य किया जाता था।आरोपी आकाश पीयूष सोनी, सी०ए० आकाश एण्ड सोनी फर्म अभिराज काम्पलेक्स-302 अपोजिट फेमिना टाउन मीठाखाली अहमदाबाद द्वारा अपने गिरोह के सदस्य मनोज रामावत जो पूर्व में बैंकिग सेक्टर में काम करता था के साथ मिलकर अपनी जान पहचान के लोगों को कमीशन व आर्थिक लाभ का लालच देकर उनसे उनकी आई०डी० एवं अन्य दस्तावेज प्राप्त कर लेता था। इनके द्वारा लोगों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर उस व्यक्ति के नाम से किराये पर लिये गये स्थान पर विभिन्न बोगस कम्पनिया रजिस्टर्ड कराई जाती थी। जिस व्यक्ति के नाम बोगस फर्म रजिस्टर्ड करायी जाती थी उसको उस फर्म का निदेशक बनाया जाता था एवं उसके नाम से दो एकाउण्ट खुलवाकर एक एकाउण्ट की साइनशुदा चेकबुक, ए०टी०एम० व पासबुक अपने पास रख लिया जाता था। इनके द्वारा रजिस्टर्ड करायी गयी बोगस कम्पनियों से वास्तविक सेल/ परवेज के बगैर ही फर्जी बिलिंग दिखाकर फर्म के खाते में सेल/ परचेज का पैसा ट्रान्सफर किया जाता था जिसे बाद में इन लोगों द्वारा दूसरे खातो में ट्रान्सफर कर या कैश निकाल कर सम्बन्धित वास्तविक फर्म के व्यक्ति को कमीशन काटने के उपरांत वापस कर दिया जाता था। आकाश पीयूष सोनी द्वारा अपने गिरोह के साथ मिलकर भारत के गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली व उ०प्र० के विभिन्न जनपदों में कई बोगस फार्मे पंजीकृत कराकर उनके माध्यम से जीएसटी चोरी करते थे।

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!