August 8, 2026 2:26 am

ब्लॉक प्रमुख हत्याकांड में अजय सिपाही सहित छह आरोपियों को अदालत ने किया बरी

अंबेडकरनगर में 2010 में हुई थी हत्या, पीड़ित पक्ष ने अब उच्च न्यायालय में करेगा अपील

ए अहमद सौदागर लखनऊ। अंबेडकरनगर जिले के भीटी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष सिंह हत्याकांड के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को जनपद न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में आरोपी अजय सिपाही समेत 6 आरोपियों को सबूतों के आधार पर बरी कर दिया है। अदालत जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने फैसला सुनाया। वहीं पीड़ित पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है।

मामला 2010 का है। महरूआ थाना क्षेत्र के बसाइतपुर निवासी सुभाष सिंह साल 2000 से 2005 तक भीटी के ब्लॉक प्रमुख थे। सुभाष सिंह का ईंट भट्ठा महरुआ बाजार से करीब 1 किलोमीटर दूर अकबरपुर मार्ग पर सरारी मोड़ के पास स्थित है। 10 अगस्त 2010 की शाम करीब 7 बजे सुभाष सिंह बाइक से भट्ठे से लौटकर अपने घर आ रहे थे। इसी दौरान भट्ठे से महज 100 मीटर दूर बाइक सवार बदमाशों ने इन्हें रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान करीब 7 गोलियां लगने से सुभाष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्हें सुल्तानपुर ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने सुभाष सिंह के भाई सुरेश सिंह की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इस घटना में अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, विजय प्रताप सिंह, डंपी सिंह, रज्जू उर्फ रविंद्र प्रताप, पवन सिंह, राम आशीष, रणविजय सिंह और राजेंद्र सिंह का नाम सामने आया था।

पुलिस ने इन 8 के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही 1 आरोपी राजेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। वहीं रणविजय सिंह की फाइल अलग कर दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे अकबरपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच की जा रही थी।

बता दें जिले के महरूआ थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही पहले पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर कार्यरत था। साल 2005-06 में सुल्तानपुर में हुए हत्याकांड में अजय प्रताप सिंह का नाम सामने आया था। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ और बाद में पुलिस विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय प्रताप सिंह को पहले सस्पेंड कर दिया और फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया।

जनपद न्यायालय का फैसला आने के बाद जहां आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली। वहीं पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष सिंह की पत्नी गीता सिंह और उनके भांजे ध्रुव सिंह ने बताया कि जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी के चलते अजय सिपाही ने साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिलवाया था। उन्होंने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। अब हाईकोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

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