लखनऊ। (संवाददाता) उत्तर प्रदेश राजधानी लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (आरा०) (लोकतांत्रिक) का अनिश्चितकालीन आंदोलन। किसानो की समस्याओं का समाधान न होने और प्रशासनिक उदासीनता से क्षुब्ध होकर भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) ने राजधानी लखनऊ में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन द्वारा 06 जनवरी 2026 से लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
इस संबंध में 23 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी लखनऊ सहित तहसील सदर, सरोजनी नगर, मलिहाबाद के उपजिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को मांग पत्र सौंपकर आंदोलन की लिखित सूचना दे दी गई है।
प्रमुख मुद्दे और लंबित आंदोलन।
संगठन के जिला अध्यक्ष अतुल कुमार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया है।
72 दिनों से न्याय का इंतजार
सरोजनी नगर तहसील के पारा थाना क्षेत्र स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय (पतौरा मोती झील) में एक पीड़ित परिवार पिछले 72 दिनों से धरने पर है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
111 दिन से जारी सैदापुर चक धरना
मलिहाबाद तहसील के ग्राम पंचायत सैदापुर चक में किसान 111 दिनों से आंदोलित हैं, परंतु तहसील प्रशासन समस्याओं के निस्तारण में विफल रहा है।
मलिहाबाद क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होने को लेकर संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासनिक संवेदनहीनता
सदर तहसील के अधिकारियों पर आरोप है कि वे समस्याओं का समाधान तो दूर, किसानों और संगठन के प्रतिनिधियों का फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते।
सहायक पुलिस आयुक्त (दुबग्गा) क्षेत्र के थानों में पीड़ितों की एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, जबकि माफियाओं के इशारे पर बिना जांच के मुकदमे लिखे जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार और बदहाली पर कड़ा प्रहार
अतुल कुमार ने बताया कि खनन विभाग और राजस्व विभाग की मिलीभगत से मानक विहीन मिट्टी खनन हो रहा है। ओवरलोड डंपर सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन शिकायत पर गलत रिपोर्ट लगा दी जाती है। वहीं, लालजी टंडन वार्ड (जेहेटा रोड) में नगर निगम द्वारा टैक्स लेने के बावजूद आज तक विद्युत लाइन नहीं बिछाई गई है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। जय जवान, जय किसान!
अतुल कुमार, जिला अध्यक्ष लखनऊ (भाकियू लोकतांत्रिक) ने कहा कि संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि 6 तारीख से होने वाला यह आंदोलन निर्णायक होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




