August 8, 2026 2:23 am

मंगलवार को पुलिस लाइन में होने वाले स्मृति समारोह की तैयारियां लगभग पूरी

ए.अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस स्मृति दिवस परेड की तैयारियां करीब पूरी हो चुकी है। पुलिसकर्मियों के लिए यह मौका खास है। वह इसलिए भी कि स्मृति दिवस से पहले इस दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कई उम्मीदें भी हैं। यह वह दिन होता है, जब मुख्यमंत्री पुलिस स्मृति परेड की सलामी लेते हैं। इस दिन अवसर मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कोई न कोई घोषणा भी करते हैं।

21 अक्टूबर को वह मौका होगा, जब पुलिसकर्मियों की निगाहें मुख्यमंत्री की ओर से आस से देख रहीं होंगी। दरअसल पुलिसकर्मियों को मिलने वाले कई भत्ते बेहद कम हैं। बढ़ती मंहगाई के हिसाब से इनका आंकलन किया जाए तो यह और कम नजर आते हैं। पौष्टिक आहार भत्ते के नाम पर सिपाही व हेड कांस्टेबल को महंगाई के हिसाब से शायद कम मिलते हैं।
पुलिसकर्मी कहते हैं कि मंहगाई के इस दौर में भत्ते की इस रकम से पूरा महीना चलाना संभव नहीं।

शहीदों की याद में मनाया जाता है स्मृति दिवस

21 अक्टूबर 1959 में देश की उत्तरी सीमा पर शत्रु सेना से लड़ते हुए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के दस जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। देश के लिए अपनों प्राण न्यौछावर करने वाले ईमान सिंह, पूरन सिंह, नुरबू लामा, बेगराज, माखनलाल, शिवनाथ, मनजीत सुबा, धरम सिंह, श्रवण दास व शेरिग नुरबू की याद में हर साल इस दिन पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

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