जमीन कब्जे को लेकर चल रहे थे परेशान, स्थानीय पुलिस कर रही थी नजरअंदाज, गौतमपल्ली पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती, हालत गंभीर
ए अहमद सौदागर लखनऊ। मथुरा से करीब 382 किलोमीटर का सफर तय कर मां-बेटे बुधवार को विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास बुधवार को कोई जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। मां-बेटे को तड़पता देख गौतमपल्ली पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों की मदद से अस्पताल भिजवाया जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उनकी हालत देख ऐसा लग रहा है कि कोई जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया है। बताया जा रहा है गांव में पुश्तैनी जमीन को कब्जे को मां-बेटे स्थानीय पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस उनकी फरियाद को गंभीरता से लेने के बजाए हवा में उड़ा देती थी। पुलिस की ढीला-ढाला रवैए से आजिज होकर मां-बेटे ने यह कदम उठाया।
मथुरा जिले के एफ – 49 राधारानी टाऊन शिप बरसाना निवासी 55 वर्षीय मुनेश सिंह अपने बेटे 38 वर्षीय बेटे बलजीत सिंह के साथ बुधवार को हाईसिक्योरिटी जोन विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के सामने पहुंचे और वहां पर कोई जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया। कुछ देर बाद ही मां-बेटे बेहोश कर सड़क पर गिर पड़े। यह देख मुख्यमंत्री आवास के पास तैनात सुरक्षाकर्मी और पुलिस दौड़कर उनके पास पहुंचे और इसकी सूचना गौतमपल्ली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में मां-बेटे को अस्पताल भिजवाया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही।
दोनों इस कदर तड़प रहे थे कि वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों के भी माथे पर अफसोस की चिंता झलक रही थी। उनकी दशा देख ऐसा लग रहा था कि मुख्यमंत्री आवास के पास आने से पहले ही दोनों लोगों ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया और देखते ही देखते की हालत बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि मथुरा में किसी व्यक्ति ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत मां-बेटे ने स्थानीय पुलिस से की, लेकिन पुलिस उनकी फरियाद सुनने के बजाए टरका दिया करती थी। स्थानीय पुलिस की ढीला-ढाल रवैए से आजिज होकर बुधवार को 382 किलोमीटर का सफर तय कर यहां आकर कोई जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।




