August 8, 2026 2:29 am

मनी लांड्रिंग की धमकी दे सेवानिवृत्त आईएएस से ठगे 45 लाख 

साइबर जालसाज नए नए तरीके से पढ़े लिखे लोगों को भी अपने जाल में फंसा कर रहें लाखों की ठगी

ए अहमद सौदागर लखनऊ। वाराणसी पुलिस के तमाम दावों के बावजूद साइबर अपराधियों पर लगाम नहीं लग पा रही है। साइबर जालसाज नए नए तरीके से पढ़े लिखे लोगों को भी अपने जाल में फंसा कर लाखों की ठगी कर रही है। ताजा मामला वाराणसी का है। यहां साइबर अपराधियों ने रिटायर्ड आईएएस को डिजिटल अरेस्ट करके दो बार में 45 लाख रुपए अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। रिटायर्ड आईएएस की सूचना पर साइबर टीम ने जांच शुरू कर दी है।

वाराणसी सेंट्रल जेल मार्ग पर वरुणा गार्डन के रहने वाले सेवानिवृत्त आईएएस भूपेंद्र नाथ सिंह के मोबाइल पर 6 और 7 अक्टूबर को दो कॉल आई थीं। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली का अधिकारी बताया और नाम नीरज ठाकुर बताया है। कथित नीरज ठाकुर ने बड़े मनी लांड्रिंग केस में नाम होने की बात कही और जांच प्रक्रिया बता कर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जालसाज के झांसे में आ गए और उसके कहने पर पहले 25 लाख और फिर 20 लाख रुपए दो बार में ट्रांसफर कर दिए। रुपये भेजने के बाद संदेह होने पर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।

डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर हरियाणा कैडर के रिटायर्ड आईएएस भूपेंद्र नाथ सिंह को निशाना बनाया है। जालसाजों ने रिटायर्ड आईएएस को मनी लांड्रिंग केस का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया और दो बार में 45 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। जालसाजों के चंगुल से छूटने के बाद उन्होंने कैंट थाने में प्राथमिक दर्ज कराई है। साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों व मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल आदि की जांच की जा रही है।

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