मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के थाना रहीमाबाद के अंतर्गत ग्राम दिलावर नगर से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के निवासी साजन कुमार (पुत्र स्वर्गीय छोटेलाल) ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित साजन कुमार के मुताबिक, उनके घर के सामने एक सार्वजनिक (सार्वजनिक) जमीन है, जिसका उपयोग गांव के गरीब, निर्धन और असहाय लोगों की शादियों व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद यह जमीन खाली रहती है।
आरोप है कि मोहल्ले के ही दबंग विपक्षी—राम भरोसे (पुत्र स्वर्गीय शोभा), चांदनी (पत्नी संजय), शशि (पुत्री राम भरोसे), बृजेश और संजय (पुत्रगण राम भरोसे)—इस सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो विपक्षी गण आग बबूला हो गए। दबंगों ने पीड़ित के परिवार को सरेआम गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। बात यहीं नहीं रुकी, विपक्षियों ने पीड़ित के घर में घुसकर परिवार के साथ जमकर मारपीट भी की।
पीड़ित साजन कुमार ने बताया कि उन्होंने इस घटना के संबंध में 21 फरवरी 2026 को थाना रहीमाबाद में तहरीर दी थी। लेकिन हल्के की पुलिस ने जांच का भरोसा देकर मामले को टाल दिया। पीड़ित का आरोप है कि:
विपक्षी राम भरोसे ने कूड़ा फेंकने के विवाद को लेकर दोबारा मारपीट की।
रहीमाबाद पुलिस ने क्षेत्रीय हल्का पुलिस की मिलीभगत से उल्टा पीड़ित परिवार के खिलाफ ही झूठी एनसीआर (NCR) दर्ज कर दी।
पीड़ित की तहरीर पर विपक्षियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है और पुलिस सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने 28 अप्रैल 2026 को जॉइंट पुलिस कमिश्नर लखनऊ को शिकायती पत्र दिया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर लखनऊ, मंडलायुक्त लखनऊ, जिलाधिकारी लखनऊ और मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर भी जनसुनवाई के लिए गुहार लगाई। लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन मिला। न्याय की आस में पीड़ित परिवार आज भी दर-बदर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
इस पूरे प्रकरण के संबंध में जब थाना रहीमाबाद प्रभारी अरुण कुमार त्रिगुणायक से बात की गई, तो उन्होंने कहा— “इस मामले की जानकारी अभी मुझे नहीं है। जैसे ही मामला संज्ञान में आता है, इसकी पूरी जांच कराकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”




