मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी के फल पट्टी क्षेत्र मलिहाबाद में आम के सीजन से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। लखनऊ-हरदोई राजमार्ग के किनारे ‘नजर नगर’ स्थित नवीन मंडी समिति को नजरअंदाज कर बाहर व्यापार कर रहे आढ़तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बागवानों को उनके फल का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों के प्रभाव को कम करना है।
मंडी सचिव सुभाष सिंह ने स्पष्ट किया है कि जो आढ़ती सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से निर्मित मंडी परिसर के बजाय बाहर कारोबार कर रहे हैं, उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि “सभी आढ़ती सरकार द्वारा निर्मित आधुनिक मंडी में ही अपना कार्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
हाल ही में उपजिलाधिकारी (SDM) ने आढ़तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर सहमति और निर्देश जारी किए गए कि राजमार्ग के किनारे अवैध रूप से मंडियां सजाने के कारण लगने वाले भीषण जाम पर अब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि ‘अस्थाई मंडी’ का कोई प्रावधान नहीं है। व्यापार केवल और केवल नव-निर्मित मंडी परिसर के भीतर ही मान्य होगा।
किसान अपनी निजी जमीन पर अपना माल तो बेच सकते हैं, लेकिन यदि कोई किसान अपनी जमीन किसी कमीशन एजेंट को मंडी चलाने या रेंट पर देने के लिए उपयोग करता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन के इस निर्णय से स्थानीय बागवानों में खुशी की लहर है। एशिया की इस महत्वपूर्ण मंडी में व्यापार केंद्रित होने से आम की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी।प्रतिस्पर्धा बढ़ने से बागवानों को आम के अधिक दाम मिलेंगे। बाहर होने वाली अवैध कटौती और धांधली से राहत मिलेगी।
प्रशासन की इस पहल से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि मलिहाबाद के विश्व प्रसिद्ध दशहरी और अन्य प्रजाति के आमों का व्यापार सुव्यवस्थित होकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने में सहायक सिद्ध होगा।




