इतिहास नहीं दबेगा, प्रशासन की अनुमति से लगेगी कंसा पासी की मूर्ति : कौशल किशोर
मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के थाना मलिहाबाद क्षेत्र में आज पासी समाज देश के लिये अपनी जान न्योछावर करने वाली कौम है। यह समाज किसी के आगे झुकता नहीं। हिन्दू धर्म की रक्षा पासी समाज ने किया था। इस समाज के लोगों ने कभी धर्म परिवर्तन नहीं किया। उक्त बातें महाराजा कंसा पासी महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहीं।
मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम कसमण्डीकलां में 11वीं सदी में 1030 ईसवी में महाराजा कंसा पासी का राज था। जिसके उपलक्ष्य में सोमवार को एक महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसको संबोधित करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम व राज्यसभा सांसद डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि देश के लिए सबसे ज्यादा लड़ाकू कौम पासी समाज है। राष्ट्र की रक्षा के लिए पासी हमेशा आगे रहे, इन्होंने कभी अपना धर्म परिवर्तन नहीं किया। इस समाज की एकजुटता को देख अंग्रेजों ने इन्हें लड़ाने का काम किया। 1871 में अंग्रेजों ने पासी समाज को खानाबदोश समाज घोषित कर कई लोगों को फांसी पर लटका दिया, गोली मार दी तथा जेल में डालकर पासी समाज की ताकत को कम करने का काम किया। अंग्रेज हमेशा पासी समाज से डरते थे। महाराजा कंसा पासी 9वीं सदी से लेकर 12वीं सदी तक राज रहा। महाराजा कंसा पासी के दो पुत्र मल्हीय व सल्हीय थे । इन्हीं दोनों के नाम पर मलिहाबाद व संडीला रखा गया है । जो काफी ताकतवर थे। यही नहीं पासी समाज की महिलाएं भी पुरुषों से कम नहीं थी। वीरांगना उदादेवी पासी ने महिलाओं की फौज तैयार कर अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने का लखनऊ में काम किया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने कहा कि सैयद सालार मसूद गाजी सन 1030 में ग्राम गढ़ी जिंदौर में डेरा डालकर रहा । जिसके दो मजबूत सिपाही हातिम व कासिम थे। जिन्हें महाराजा कंसा पासी ने खौलता तेल डालकर मारने का काम किया था। ग्राम कटौली में हुए युद्ध में महाराजा कंसा पासी युद्ध लड़ते लड़ते शहीद हो गए थे। कंसा पासी के पास टकसाल मशीन थी जिससे सिक्के व नोट ग्राम केवलहार में छापे जाते थे। यहां 14वीं सदी में पठान आए थे। उन्होंने लोगो से अपील की कि ताश की गड्डी की तरह जाति जाति नहीं करनी है। हम सबको एकजुट होकर काम करना है। लोगो में हुंकार भरते हुए कहा कि इतिहास नहीं दबेगा, महाराजा कंसा पासी की मूर्ति जमीन की पैमाईश कराकर प्रशाशन की अनुमति से वही पर लगेगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक जयदेवी कौशल, मोहनलालगंज विधायक अमरेश रावत, ब्लॉक प्रमुख निर्मल वर्मा, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विकास किशोर आशू, मीनू वर्मा, जितेन्द्र गौतम, नवीन यादव, ओमप्रकाश साहू, रामकुमार राही, सर्वेश रावत, केशन रावत सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।




