August 8, 2026 2:11 am

मलिहाबाद में ‘गौरव द्वार’ को लेकर बवाल: अर्कवंशी महासंघ का प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज; पूर्व मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद में महाराजा मल्हिया पासी गौरव द्वार को लेकर जारी विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है। शुक्रवार को अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रीय महासंघ/ट्रस्ट के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बहाने उपद्रव मचाया। भीड़ ने होल्डिंग पर ईंट-पत्थर फेंके, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए तथा जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया गया मौके पर तैनात पुलिस और पीएसी ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद तहसील रोड पर लगे विवादित स्मृति द्वार को पहले कंपनी द्वारा हटा दिया गया था। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के 25 से 30 अप्रैल तक लगातार प्रवास धरना प्रदर्शन के बाद द्वार को पुनः स्थापित किया गया। इसका अखिल भारतीय अर्कवंशी क्षत्रीय महासंघ ने विरोध दर्ज किया था।

शुक्रवार को महासंघ के अध्यक्ष ओ.पी. सिंह अर्कवंशी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन देने के दौरान कुछ लोगों ने उपद्रव शुरू कर दिया। उन्होंने वहां लगी होल्डिंग पर पत्थर फेंके और पूर्व मंत्री व विधायक के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाए। कुछ उपद्रवियों ने जातिगत गालियां भी दीं। पुलिस ने स्थिति बिगड़ते देख तुरंत लाठी फटकार दी और भीड़ को खदेड़ दिया। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

 

अर्कवंशी महासंघ की मांगें ज्ञापन में महासंघ ने मुख्य रूप से ये मांगें रखी हैं कि विवादित स्मृति द्वार तुरंत हटाया जाए, सही ऐतिहासिक पहचान के साथ नया स्मृति द्वार बनाया जाए, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ऐतिहासिक महापुरुषों के नाम से छेड़छाड़ रोकने के लिए शासन सख्त निर्देश जारी करे।

महासंघ के अध्यक्ष ओ.पी. सिंह अर्कवंशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन इन मांगों को नहीं मानता तो अर्कवंशी समाज गांव-गांव जाकर पूरे प्रदेश के साथ-साथ देश स्तर पर राजनैतिक विरोध करेगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

महाराजा मल्हिया पासी गौरव द्वार को लेकर पासी और अर्कवंशी समाज के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों समुदाय अपने-अपने ऐतिहासिक दावे कर रहे हैं। द्वार का पुनः स्थापित होना अर्कवंशी समाज को रास नहीं आया, जिसके चलते शुक्रवार को यह घटना हुई। पुलिस ने आए हुए लोगों को समझा बूझकर मामले को खत्म कर दिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने की लोगों से अपील की ।

प्रशासन ने मामले को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 

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