मलिहाबाद लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकासखंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत सस्पन के अटेर गांव स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां बाराही देवी मंदिर प्रांगण में चैत्र नवरात्रि में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। जिसका शुभारंभ मंगलवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। गाजे-बाजे के बीच यात्रा में हर तरफ भक्ति का माहौल छाया रहा।आपको बता दें कि हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, उपवास और धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि धार्मिक अनुष्ठान करते समय देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में चल रही कई तरह की बाधाएं खत्म हो जाती हैं। हिंदू धर्म में अलग-अलग प्रयोजनों के लिए विशेष पूजा-पाठ की जाती है। मां दूर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए चंडी यज्ञ किया जाता है।
शतचंडी महायज्ञ का आयोजन
ग्राम पंचायत सस्पन के अटेर गांव स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ मां बाराही में प्रांगण में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने गाजे- बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा के दौरान हर तरफ भक्ति का माहौल रहा।गांव में कलश यात्रा की तैयारी सुबह से शुरू हुई।जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। इस दौरान महिलाओं व बालिकाओं की संख्या काफी बढ़ गई। भक्तिगीतों के बीच आगे-आगे शोभा यात्रा में शामिल लोग अबीर-गुलाल उड़ा रहे थे तो पीछे कलश लिए महिलाएं व बालिकाएं आगे बढ़ रही थीं।कलश यात्रा सस्पन, गहदो,माल होते हुए घटघटा बाबा पर पहुंचने पर कुंवारी कन्याओं ने जल भरा। इसके बाद पुनः यज्ञ स्थल पहुंचकर मंत्रोच्चारण के बीच कलश को स्थापित किया गया।




