मलिहाबाद और पीजीआई पुलिस के हत्थे चढ़े दो शोहदों से सच आया सामने
ए अहमद सौदागर लखनऊ। महिलाओं एवं लड़कियों के साथ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने और मनचलों को छक्के छुड़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति अभियान चलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशन में आए दिन महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कहीं न कहीं चौपाल की शक्ल में बहू बेटियों जागरूक करने में जुटी हुई हैं। इसके बावजूद भी सूबे की सड़कों और गलियों में शोहदों का आतंक थम नहीं रहा है।
मलिहाबाद और पीजीआई पुलिस ने दो आरोपितों को गुरुवार को दबोचा तो पता चला कि ये दोनों आरोपित बेहद ख़तरनाक किस्म के हैं।
22 वर्षीय अजीम पुत्र अली हसन निवासी मलिहाबाद क्षेत्र स्थित खंडसरा ने सारी हदें पार कर 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को अपने झांसे में लेकर उसकी आबरू लू ली।
इसके अलावा गोमतीनगर क्षेत्र के कौशलपुरी खरगापुर निवासी 48 वर्षीय मनोज कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्व राजेन्द्र लाल श्रीवास्तव एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को अपनी हवस शिकार बनाने का प्रयास किया।
ये दोनों गिरफ्तारी से साफ है कि पुलिस कुछ भी योजना बना ले, लेकिन मनचलों और शोहदों के का आतंक बरकरार है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है।
हालांकि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला पुलिसकर्मी आए दिन महिलाओं एवं लड़कियों को जागरूक करने में जुटी हैं, लेकिन इसके बाद भी भोली-भाली लड़कियां वहशियों के चंगुल में फंस जातीं हैं।
महिला पुलिसकर्मी चौराहों, स्कूल-कॉलेज तथा भरी भीड़ में जाकर महिलाओं और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए जोर देती हैं और साथ ही उन्हें जागरूक कर कहतीं हैं कि किसी के बहकावे में न आएं। क्योंकि कभी भी और कहीं भी शोहदों का झुंड निकल सकता है, लिहाजा इनसे होशियार रहने की जरूरत है।




