August 8, 2026 2:23 am

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आई0जी0आर0एस0, सी0एम0 हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों की समीक्षा की

आगामी नवरात्रि में ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण होगा प्रारम्भ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि जन शिकायतों और समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी दशा में क्षम्य नहीं है। आई0जी0आर0एस0 और सी0एम0 हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हो रही प्रत्येक जन शिकायत और समस्या का शिकायतकर्ता की दृष्टि से संतुष्टिपरक समाधान होना चाहिए। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जनहित सर्वोपरि है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा।

मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आई0जी0आर0एस0, सी0एम0 हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, मण्डलायुक्तों, पुलिस कमिश्नरों, जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे।

मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि सभी जनपदों में एण्टी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय की जाएं। आगामी नवरात्रि में ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारम्भ होगा, जिसके लिए सभी जनपद अभी से व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री जी ने आई0जी0आर0एस0 और सी0एम0 हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों की मण्डलवार, जनपदवार, तहसीलवार, ज़ोनवार, रेंजवार, जिला पुलिस और थाना स्तर पर रैंकिंग जारी की। सम्बन्धित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि हर पीड़ित की भावना का सम्मान करते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। मिथ्या अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही अनिवार्य रूप से होगी।

मुख्यमंत्री जी ने हाल के पर्व-त्योहारों के सकुशल सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और आगामी बारावफ़ात, अनन्त चतुर्दशी व विश्वकर्मा पूजा के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को पहले से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जनपदों की समीक्षा करते हुए कहा कि राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए तथा इनमें जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए। बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका को देखते हुए उन्होंने नगर निकायों को जलभराव की तत्काल निकासी व साफ-सफाई की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का सतत आयोजन किया जाए। सर्पदंश के उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नकली या अधोमानक दवाओं की बिक्री पर गंभीर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी एक भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने प्रशासन को सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश के किसी भी किसान को खाद की कमी न हो, आपूर्ति श्रृंखला की सघन निगरानी की जाए और कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कठोरतम कार्यवाही की जाए।

बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 06 और 07 सितम्बर, 2025 को प्रस्तावित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पी0ई0टी0) की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि परीक्षा 48 जनपदों में बनाए गए 1,479 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें 25.31 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती, लाइव सी0सी0टी0वी0 कण्ट्रोल रूम, नगर यातायात व्यवस्था और बारिश के मौसम में परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिला प्रशासन परीक्षा आयोजन संस्था के साथ समन्वय कर अभ्यर्थियों को हर सम्भव आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए।

 

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