August 8, 2026 2:12 am

मुख्यमंत्री योगी का सख्त निर्देश—गर्मी और सूखे से निपटने को रहें तैयार, जरूरत पड़ने पर घोषित होगा ‘सूखा’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी और संभावित कम बारिश (अल्पवृष्टि) की चुनौतियों से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। कृषि, जलशक्ति, पशुधन और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल और सिंचाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में कहीं भी पानी की किल्लत न हो। पाइप योजनाओं के अलावा टैंकरों की वैकल्पिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश।

15 जून से 30 जुलाई के बीच स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि वर्षा की स्थिति प्रतिकूल रही, तो प्रभावित क्षेत्रों को सूखा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

30 मई तक नहरों और तालाबों की ‘डी-सिल्टिंग’ (सफाई) का काम हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य। तालाबों से निकलने वाली मिट्टी प्रजापति समाज और कुम्हारों को मुफ्त दी जाएगी, ताकि उनके स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।  किसानों के लिए नलकूपों का संचालन और निर्बाध बिजली सुनिश्चित की जाए।सीटेल फीडिंग’ के जरिए नहरों का पानी अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक पहुँचाना अनिवार्य होगा।

शासन से लेकर जिला स्तर तक 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे। सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रतिदिन मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी जाएंगी। खाद, बीज और फसल बीमा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

हीट वेव (लू) से बचाव के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम और आमजन के लिए ‘अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम’ के जरिए मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री का संदेश: “व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। जल संरक्षण को एक जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं और पशुधन व आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।”

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