यूपी पुलिस को मिला ग्लोबल अवॉर्ड
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया एक वीडियो दो युवकों के लिए मौत का फरमान बन सकता था, लेकिन मेटा के अलर्ट और यूपी पुलिस की फुर्ती ने 12 मिनट के अंदर दोनों की जान बचा ली। पुलिस मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर 12 जून 2026 को कानपुर नगर और गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने मेटा से मिले सुसाइड अलर्ट पर मिनटों में कार्रवाई कर आत्महत्या रोक दी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को मेटा से ई-मेल अलर्ट मिलते ही लोकेशन ट्रेस कर संबंधित थानों को सूचना भेजी गई।
रात 12:02 बजे कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के 30 वर्षीय ट्रक ड्राइवर ने मंगेतर से विवाद और नंबर ब्लॉक होने से आहत होकर इंस्टाग्राम पर छत के पंखे में फंदा बनाते हुए वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलते ही उप निरीक्षक कादिर खान और हरवीर सिंह मात्र 7 मिनट में युवक के घर पहुंचे। परिजनों से पूछकर कमरे में दाखिल हुए तो युवक फंदा गले में डाल चुका था। पुलिस ने फंदा हटाकर उसे बचा लिया। काउंसलिंग के बाद युवक ने दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।
इसी रात 12:12 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर थाना क्षेत्र के 24 वर्षीय मजदूर युवक ने गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद नींद की गोलियां खाते हुए “यह आखिरी वीडियो है मेरी” लिखकर इंस्टा पर पोस्ट किया। 5 मिनट के भीतर उप निरीक्षक शैलेश कुमार, मुख्य आरक्षी कुंवर पाल शर्मा और आरक्षी सुनील कुमार युवक के घर पहुंचे। बेसुध हालत में मिले युवक को पड़ोसियों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत स्थिर है।
अब तक बच चुकी 3081 जिंदगियां
यूपी पुलिस और मेटा के बीच 2022 से चली आ रही इस व्यवस्था के तहत फेसबुक/इंस्टाग्राम पर सुसाइडल पोस्ट होते ही मेटा पुलिस मुख्यालय को ई-मेल और फोन से अलर्ट भेजता है। 1 जनवरी 2023 से 8 जून 2026 तक इस पहल से 3081 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस मानवतापूर्ण काम के लिए यूपी पुलिस को प्रतिष्ठित स्कोच अवार्ड -2025 और द इकोनॉमिक्स आवार्ड -2026 से सम्मानित किया गया है।दोनों युवकों के परिजनों ने पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताया। पुलिस ने अपील की है कि मानसिक तनाव में लोग हेल्पलाइन 14416 या 9152987821 पर मदद लें।




