किसान नेता डॉ दिग्विजय भाटी पर जमकर बरसाई लाठियां
अधीनस्थों ने भी दिया थर्ड डिग्री, आंख से लेकर पूरी शरीर पर दिया जख्म
भनक लगते ही शासन ने एसएसपी को हटाया
ए अहमद सौदागर लखनऊ। मुख्यमंत्री से लेकर यूपी के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण आए दिन अफसरों के साथ बैठक कर उन्हें तरह-तरह की नसीहत देते हुए कहा जाता है कि किसी भी फरियादियों से मानवता के साथ पेश आएं।
लेकिन मेरठ जिले का एक ऐसा मामला सामने आया है कि सुनकर और देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
जिलों में तैनात कोई छोटा कर्मचारी के करतूत तो आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन यहां तो एक जिम्मेदार अफसर यान एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने अमरोहा जिले के हसनपुर विधान सभा क्षेत्र के रहने वाले किसान नेता डॉ दिग्विजय भाटी के ऊपर भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहर बनकर बरस पड़े।
वह अपनी सफाई पेश करते रहे और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की लाठियां तथा लात-घूंसे डॉ के ऊपर बरसते रहे।
डॉक्टर दिग्विजय भाटी का आरोप है कि उन्हें सब्र नहीं हुआ तो एसओजी टीम के हवाले कर दिया। अफसर का इशारा मिलते ही पुलिसकर्मी तरह-तरह की यातनाएं देते हुए पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया। इस पूरे मामले की खबर जैसे ही पुलिस महकमे में लगी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शासन ने मर्यादा पार करने वाले एसएसपी अविनाश पांडेय को हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दो टूक शब्दों में फरमान है कि ऐसे अफसरों की यहां जरूरत नहीं है, लिहाजा मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही शासन ने उन्हें हटा दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में पीड़ित डॉ दिग्विजय भाटी का आरोप है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने खुद पीटा और सिविल लाइंस थानेदार अखिलेश गौड़ के हवाले कर दिया तो वह भी पीट-पीटकर डॉ को थर्ड डिग्री तक दे डाला।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई वीडियो में डॉ दिग्विजय भाटी का कहना है कि गुरुवार देर रात सपा विधायक अतुल प्रधान को लेने पहुंचे तो देखा कि भाटी की आंख पर पट्टी बांधी गई थी और शरीर पर कई जगह जख्म के निशान थे।
इस घटना को लेकर पुलिस के आलाधिकारी भले ही तरह-तरह के बयान दे रहे हों लेकिन कड़वा सच यह है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने मानो पूरे सिस्टम का पोस्टमार्टम कर पुलिस महकमे की किरकिरी कर डाला।





