राव दानिश हत्याकांड के अलावा लूट डकैती के मामले चल रहा था फरार
आरोपी जुबैर कुख्यात मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था और इसके खिलाफ हत्या, लूट व डकैती की धारा में कुल दो दर्जन दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस को मौके से एक अवैध पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस खोखा व जिंदा कारतूस बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। लूट, डकैती व राव दानिश की हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले कुख्यात मुनीर गैंग के सक्रिय सदस्य इनामी बदमाश जुबैर यूपी एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मेरठ जिले के लोहिया नगर थाना क्षेत्र स्थित अलीपुर में बुधवार को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। ज़ुबैर के सीने व शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगी। एसटीएफ घायल बदमाश को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से एक अवैध पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस खोखा व जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
जुबैर पुत्र रफत उल्ला जनपद अलीगढ़ व हाल पता शाहीन बाग दिल्ली का रहने वाला था।
बताया जा रहा है कि 24 दिसंबर 2025 को अलीगढ़ जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कुख्यात बदमाश जुबैर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अलीगढ़ जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित खयावान हिलाल हसन मंजिल अमीर निशा रोड निवासी राव दानिश पुत्र राव जादा हिलाल वारिस की गोली मारकर हत्या की थी। एसटीएफ के निरीक्षक महावीर सिंह के मुताबिक इसके अलावा जुबैर के खिलाफ लूट, डकैती व हत्या के कुल दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। उन्होंने बताया कि बुधवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि इनामी बदमाश जुबैर बुधवार को मेरठ जिले के थाना लोहिया नगर के अलीपुर गांव के पास अपने कुछ साथियों के साथ मौजूद है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना पर एसटीएफ के निरीक्षक महावीर सिंह निरीक्षक दीपक सिंह, उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल शमशेर, हेड कांस्टेबल आकाश दीप व हेड कांस्टेबल भूपेंद्र के साथ मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू किया। एसटीएफ टीम के मुताबिक इनामी बदमाश जुबैर को पकड़ने के लिए घेरेबंदी की तो कुख्यात बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। इस दौरान टीम अपना बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई में इनामी बदमाश जुबैर को ढेर कर दिया।
एसटीएफ के निरीक्षक महावीर सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया जुबैर शातिर किस्म का अपराधी था और मुनीर गैंग का सक्रिय सदस्य था। इसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती सहित अन्य मामलों में कुल दो दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।




