लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण नें पुलिस मुख्यालय पर रेलवे सुरक्षा औऱ पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर आज “राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति” की गोष्ठी की अध्यक्षता किया।पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति की गोष्ठी में डीजी रेलवे, एडीजी कानून-व्यवस्था, आईजी अभिसूचना, आईजी रेलवें, असिस्टेंट डायरेक्टर आई.बी. सहित रेलवे के विभिन्न जोनों के डीआरएम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने नें भाग लिया।
गोष्ठी के दौरान रेलवे सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया।
इस मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण नें कहा कि भारतीय रेलवे राष्ट्र की लाइफलाइन है इसकी सुरक्षा सर्वोपरि है। रेलवे सुरक्षा से संबंधित सभी एजेंसियों में परस्पर समन्वय आवश्यक है । उन्होंने महाकुंभ मेला-2025 के दौरान रेलवे, आरपीएफ एवं जीआरपी द्वारा लगभग 06 करोड़ लोगों को ट्रेन द्वारा घटना रहित प्रयागराज आगमन एवं सकुशल वापसी को राष्ट्रीय स्तर पर एक रोल मॉडल की तरह स्वीकारोक्ति मिलने पर सभी की प्रशंसा की गयी ।डीजीपी नें आगे कहा कि विगत वर्षों में ट्रेनों की संख्या, रेल यात्रियों की संख्या तथा रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके दृष्टिगत सुरक्षा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना आवश्यक है।
गोष्ठी में डीजी रेलवे प्रकाश डी0 नें रेलवे सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओ तकनीकी संवर्धन, ट्रेनों पर पत्थरबाजी के नियंत्रण, ट्रैक अवरोध की घटनाओं की रोकथाम, जीआरपी/आरपीएफ की संयुक्त रुप से ट्रैक पेट्रोलिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि विषयों को रेखांकित करते हुए प्रजेन्टेशन दिया गया तथा रेल यात्रियों की सुरक्षित एवं सुखद रेल यात्रा एवं अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबन्धन एवं रेलवे सुरक्षा में आधुनिक तकनीक के प्रभावशाली प्रयोग करने पर विचार-विमर्श किया गया ।
गोष्ठी के दौरान एडीजी क़ानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने हाल में एटीएस द्वारा अनावरित घटना को लेकर रेलवे नेटवर्क में छोटी घटनाओं को आतंकवादी एवं विघटनकारी गतिविधियों के दृष्टिगत भी गहनता से जांच करने की आवश्यकता बतायी गयी ।
इस अवसर पर उपेन्द्र अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना उ0प्र0, आर.के. भारद्वाज, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ, शिवजी सिंह असिस्टेंट डायरेक्टर आईबी सहित रेलवे के विभिन्न जोन के डीआरएम, चीफ रेलवे टैक इंजीनियर, पुलिस महानिरीक्षक आरपीएफ तथा रेलवे/जीआरपी/आरपीएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।




