मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के थाना रहीमाबाद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उमरावल स्थित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (डाकघर) में खाताधारकों के खातों से रुपये गायब होने और जमा रकम दर्ज नहीं होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आसपास के करीब 36 गांवों के लोगों के बचत, सुकन्या, आरडी और एफडी समेत विभिन्न खाते यहां संचालित हैं। दर्जनों खाताधारकों ने हजारों रुपये गायब होने की शिकायत की है। मामला सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए डाकघर में तैनात बीपीएम प्रमोद को वहां से हटा दिया है और जांच शुरू कर दी है। वहीं, अपनी जमा पूंजी गायब होने के आरोपों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों के मुताबिक, उमरावल निवासी सावित्री के खाते में 23,080 रुपये जमा थे। आरोप है कि जब वह रुपये निकालने पहुंचीं तो खाते में महज 774 रुपये मिले। अर्जुन कश्यप ने खाते से 4,600 रुपये गायब होने की बात कही। मोहिनी के खाते में 61,763 रुपये जमा थे, लेकिन रुपये निकालने पहुंचीं तो केवल 1,405 रुपये मिले। इसी तरह नीतू गुप्ता ने बताया कि उनके खाते में 57,418 रुपये जमा थे, जबकि बाद में मात्र 1,418 रुपये ही बचे मिले।
नेहा कश्यप का आरोप है कि उनके बचत खाते में 1,28292 रुपये जमा थे, लेकिन रुपये निकालने पहुंचीं तो खाते में केवल 1,885 रुपये मिले। राहुल के मुताबिक, उनके खाते में 75,535 रुपये जमा थे, जबकि जांच कराने पर 11,836 रुपये ही शेष मिले। मीना ने 26,734 रुपये में से 25 हजार रुपये गायब होने, वहीं कमला ने 55,094 रुपये में से 54,296 रुपये गायब होने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा अरुण कश्यप, रघुरानी, प्रेम मौर्य, सुनील कुमार, हेमकली और आरती मौर्य समेत कई अन्य खाताधारकों ने भी अपनी जमा रकम में गड़बड़ी की शिकायत की है। आरडी खाताधारक अनीशा का कहना है कि वह हर महीने 500 रुपये जमा करती थीं, लेकिन खाते में रकम नहीं दिख रही है। अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पासबुक जमा कराकर दो-तीन दिन में रकम लौटाने का दिया था आश्वासन
खाताधारकों का आरोप है कि जब उन्होंने डाकघर पहुंचकर शिकायत की तो कर्मचारियों ने उनकी पासबुक की प्रतियां जमा करा लीं और दो-तीन दिन में खाते में रुपये आने का आश्वासन दिया। कई दिन बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं आई। इसके बाद ग्रामीणों ने वहां तैनात बीपीएम प्रमोद से रुपये वापस करने की मांग की। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
ग्रामीणों ने डाकघर के समय से नहीं खुलने और दोपहर दो से तीन बजे के बीच ही बंद हो जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मेहनत की कमाई जमा करने के बाद अब उन्हें अपने ही रुपये के लिए भटकना पड़ रहा है।
इस संबंध में उमरावल डाकघर में मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। फिलहाल खाताधारकों को जांच पूरी होने और उनकी जमा रकम वापस मिलने का इंतजार है।





