तीन घटनाओं में अपने हुए खूनी तो एक में विरोध करने पर हुई हत्या
चारों वारदातों का पुलिस ने किया खुलासा, पर चुनौती रही बड़ी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। बीते जनवरी और फरवरी महीने की बात दूर राजधानी लखनऊ में मार्च महीने में जिस तरह से अपराधियों ने कईयों का खून बहाया, इससे यही लग रहा है कि कातिलों में पुलिस का खौफ नहीं है। बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि कत्ल जैसे जघन्य वारदात को अंजाम देने में नहीं हिचक रहे हैं। घर में घुसकर तो कभी सरेराह हत्या हो रही है। कोई चंद रुपयों के खातिर अपनों का खून बहाया तो कोई मित्रता के नाम पर गला घोटकर मौत की नींद सुला दिया। हालांकि हफ्ता के भीतर हुई सनसनीखेज मामलों का राजफाश कर पुलिस ने हत्यारों को पकड़कर सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन ये घटनाएं कमिश्नरेट पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी।
अपनों की मनबढ़ी पर गौर करें तो 23 फरवरी 2026 को आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल में रिश्तों को शर्मसार कर 21 वर्षीय बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने 49 वर्षीय पिता मानवेंद्र सिंह के माथे पर गोलियों की बौछार कर शव को शरीर के टुकड़े कर हाथ-पैर जंगल में फेंक दिया, जबकि बाकी धड़ को ड्रम में छिपाकर रखा था।
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर खूनी खेल खेलने वाले कलयुगी बेटे अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा, लेकिन ये वारदात किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी।
मामला यहीं से खत्म नहीं हुआ आठ मार्च 2026 को निगोहां थाना क्षेत्र स्थित शेखन खेड़ा गांव निवासी राजेश रावत ने मामूली कहासुनी के बाद अपनी पत्नी राजेश्वरी के ऊपर कुल्हाड़ी से वारकर मौत की नींद सुला।
यही नहीं नौ मार्च 2026 को मोहनलालगंज क्षेत्र के खुजेहटा गांव निवासी किशोर ने रिश्तों को कलंकित करते हुए अपने 46 वर्षीय पिता रामकरन रावत को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में दहशत खत्म भी नहीं हो पाई थी कि नौ मार्च 2026 को मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित सिसेंडी गांव निवासी रेशमा बानो व उसके दृष्टिहीन बेटे शादाब की गला घोटकर बदमाशों ने कत्ल कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। हालांकि पुलिस ने बुधवार रात सिसेंडी गांव निवासी किशन रावत को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज मामले का राजफाश किया। बताया जा रहा है कातिल किशन और मृतका पहले से एक-दूसरे के परिचित थे, जिसका फायदा उठाते हुए हत्यारे ने घर में दाखिल होकर मां-बेटे को मौत की नींद सुला दिया था।
हफ्ते भर के भीतर राजधानी में चार कत्ल हुए, जिसमें एक दोहरा हत्याकांड शामिल है। इससे पहले भी बेखौफ बदमाशों ने कई घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है। इन सनसनीखेज मामले में दो ऐसी वारदात हुईं जो रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। पुलिस ने सभी घटनाओं का राजफाश तो कर दिया, लेकिन यह वारदातें पुलिस के गिरते इकबाल की गवाह हैं।




