August 8, 2026 2:14 am

राजधानी लखनऊ बना हाईटेक जालसाजों का गढ़, 119 लोगों की गिरफ्तारी के बाद सच आया सामने 

तरह-तरह की तकनीक अपना कर साइबर अपराधी साफ कर रहे लोगों के बैंक खाते 

देशभर में फैला है इनका मकड़जाल, पढ़े-लिखे इस गोरखधंधे को देते हैं अंजाम 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। हाईटेक साइबर जालसाजों का घुन देश-प्रदेश तक फैला है, लेकिन इसका गढ़ विभूतिखंड क्षेत्र सहित शहर के कई इलाकों में गहरा है कि यहां तरह-तरह के हथकंडे अपनाते जालसाज लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। यही नहीं इनकी जडें विदेशों तक फैली हुई है।

विभूतिखंड क्षेत्र स्थित नामी-गिरामी समिट बिल्डिंग के 11वीं मंजिल पर करीब सात-आठ महीने से फर्जी कॉलिंग सेंटर चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस सेंटर में कार्यरत नई उम्र के पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को खबर तलक नहीं थी कि जहां वह नौकरी कर रहे हैं वह एक गोरखधंधे की दुकान है। इसका पता उन लोगों को उस समय चला जब साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो प्रोग्राम मैनेजर समेत 119 जालसाजों को पकड़ा।

सूत्रों की मानें तो यह महज बानगी भर है और भी न जाने कितने फर्जी काल सेंटर शहर के अलग-अलग इलाकों में धड़ल्ले से चल रहा है।

गौर करें तो यहां जालसाज एक तरह के नहीं बल्कि अलग-अलग तरीके हैं जो लोगों को डरा-धमकाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने में लगे हुए हैं। कोई विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर तो कोई खुद को अफसर बताकर रुपए ऐंठ रहा है।

हाईटेक साइबर जालसाजों के शातिराना दिमाग पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में बोगस से लगाई गई 2500 करोड़ की चपत हुई थी। यूपी के सयाने कारोबारियों के कुछ कारनामे सामने आए थे, जिन्होंने कागजों पर ऐसी फर्में या कंपनियां बनाईं, जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व ही नहीं था। जीएसटी बचाने के लिए इन व्यापारियों ने बोगस फर्मों के बिल लगाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा खूब लिया, लेकिन जब संबंधित विभाग ने गहनता से जांच पड़ताल की तो पता चला कि प्रदेश भर में ऐसी कई कंपनियां चल रही हैं, जो सिर्फ कागजों पर हैं। कहने का मतलब है कि यहां किस्म-किस्म के जालसाज पकड़े गए हैं जो सरकार को चुना लगाने से लेकर आम आदमी तक को नहीं बख्शा।

जिस तरह से राजधानी की नामी-गिरामी समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर संचालित फर्जी अंतरराष्ट्रीय काल सेंटर का भंडाफोड़ कर साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने गुरुवार को महिलाओं समेत 119 जालसाजों को पकड़ा तो पता चला कि इनका नेटवर्क देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है।

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