लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में विश्व COPD दिवस एवं विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह मनाया गया।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग एवं फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से वर्ष 2025 का विश्व COPD दिवस एवं विश्व एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता सप्ताह डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (DRRMLIMS), लखनऊ में मनाया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह की उपस्थिति में किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. सी.एम. सिंह ने विशेष रूप से श्वसन रोगों और अन्य संक्रामक स्थितियों में एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के तार्किक उपयोग** के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. विक्रम सिंह, CMS, ने भी अस्पताल आधारित नीतियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला ताकि श्वसन रोगों और विभिन्न संक्रमणों में एंटीमाइक्रोबियल दवाओं का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
वैज्ञानिक सत्र में विशिष्ट वक्ताओं ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए जिसमें डॉ. ज्योति बाजपेयी (KGMU, लखनऊ) ने COPD प्रबंधन में हाल की प्रगतियों पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. सच्चिदानंद तिवारी (AIIMS, रायबरेली) ने एंटीबायोटिक के तर्कसंगत उपयोग पर चर्चा की और दुरुपयोग रोकने तथा बेहतर प्रिस्क्राइबिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला।
डॉ. अंकित कुमार (KGMU, लखनऊ) ने बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस के दौर में निमोनिया प्रबंधन को अनुकूलित करने* पर अपना व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम का आयोजन ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन के नेतृत्व में किया गया। डॉ. अजय कुमार वर्मा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग डॉ. अर्पिता सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी विभाग ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. हेमंत कुमार (रेस्पिरेटरी मेडिसिन) डॉ. पूजा शुक्ला (फार्माकोलॉजी) कार्यक्रम में कई संकाय सदस्य, रेज़िडेंट्स और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस आयोजन ने श्वसन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बढ़ते वैश्विक एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस की रोकथाम* हेतु *एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने में संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।




