संवाददाता, लखनऊ। लखनऊ (उद्यान भवन, सप्रू मार्ग): भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होने के बाद भारतीय कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खुल गए हैं। इसी क्रम में आज, 18 जुलाई, 2026 को उत्तर प्रदेश के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (भारत सरकार) तथा उत्तर प्रदेश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध ‘आम्रपाली’ किस्म के ताजे आमों की एक विशेष खेप यूनाइटेड किंगडम (लंदन) के लिए रवाना की गई। यह पहल CETA के माध्यम से भारतीय बागवानी उत्पादों को वैश्विक बाजार में उपलब्ध नए अवसरों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बी.एल. मीना, आई.ए.एस. ने लखनऊ स्थित उद्यान भवन से आमों की इस निर्यात खेप को हरी घंटी दिखाकर (फ्लैग-ऑफ) रवाना किया। उन्होंने बताया कि इस समझौते के लागू होने से उत्तर प्रदेश के कृषि एवं बागवानी उत्पादों, विशेष रूप से आमों के निर्यात के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। APEDA के सहयोग से आम्रपाली आमों का लंदन के बाजारों तक पहुँचना राज्य के बागवानी क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे प्रदेश के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।
आम्रपाली आम की विशेषताएं:
उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में से एक है। यहाँ की दशहरी और चौंसा के साथ-साथ आम्रपाली भी राज्य की एक प्रमुख एवं उच्च गुणवत्ता वाली आम की किस्मों में शामिल है। अपने उत्कृष्ट स्वाद, आकर्षक रंग, अधिक गूदे, कम रेशेदार बनावट तथा बेहतर शेल्फ लाइफ (अधिक समय तक ताजा रहने की क्षमता) के कारण आम्रपाली आम अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के बीच विशेष लोकप्रियता हासिल करने की क्षमता रखता है।
इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभावी होने से भारतीय कृषि और बागवानी उत्पादों को यूनाइटेड किंगडम के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्राप्त हुए हैं। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश के आम्रपाली आमों को भी लंदन के बाजार में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे राज्य के उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों के लिए निर्यात की नई संभावनाएं सुदृढ़ होंगी।
इस कार्यक्रम में APEDA, उत्तर प्रदेश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण बोर्ड (UPSHEB), रीजनल फ्रूट रिसर्च एंड एनालिसिस सेंटर (RFRAC) के अधिकारियों, PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, पैकहाउस संचालकों, FPO के प्रतिनिधियों तथा कृषक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।




