लखनऊ। (संवाददाता) डोमा परिसंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकर्ता बैठक अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ में डोमा परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. उदित राज के नेतृत्व में आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के लगभग 35 से 40 जिलों से आए प्रमुख पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश सिंह कुशवाहा, इंजीनियर बाबू सिंह बौद्ध, आचार्य भोजराज सिंह धनगर, लखनऊ के जिलाध्यक्ष ए.के. राजा, सुरेश चंद, रमेश रावत, सुषमा रावत, अरविंद शास्त्री, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमारी यादव सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य देश और उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों तथा अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार, अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध एक मजबूत सामाजिक आंदोलन खड़ा करने तथा डोमा परिसंघ के संगठनात्मक विस्तार पर गंभीर चिंतन-मंथन करना था। कार्यकर्ताओं ने समाज के वंचित वर्गों को संगठित करने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. उदित राज ने कहा कि देश के संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण की रक्षा करना आज सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। देश में बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और भुखमरी लगातार बढ़ रही है तथा दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करें तथा अन्याय और शोषण के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान चलाएं।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश सिंह कुशवाहा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, महिलाओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लेते हुए बैठक के समापन की घोषणा की।




