ए अहमद सौदागर लखनऊ। अपराध के जरिए करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले हाईटेक जालसाज पर आखिरकार कानूनी दांव शुरू हो गया। पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में इंस्पेक्टर नगराम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग के सरगना प्रमोद कुमार उपाध्याय व उसके भाई विनोद कुमार उपाध्याय की छह करोड़ 48 लाख 30 हजार दो सौ पचास रुपए की संपत्ति अदालत के आदेश पर कुर्क कर दिया।
इंस्पेक्टर नगराम ने बताया कि वह अपनी आख्या के जरिए बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र स्थित राजा गांव व हाल पता बिजनौर थाना क्षेत्र स्थित ओमेक्स सिटी निवासी गैंग का सरगना प्रमोद कुमार उपाध्याय वह उसका भाई विनोद कुमार उपाध्याय अपराध के माध्यम से अकूत संपत्ति हासिल की थी।
पुलिस के मुताबिक न्यायालय संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था द्वारा अभियुक्तों पर कड़ी कार्रवाई के क्रम में उसके द्वारा अपराध के जरिए अकूत संपत्ति हासिल की गई थी। इस मामले में पुलिस की मेहनत से अदालत ने अभियुक्तों द्वारा बनाई गई अकूत संपत्ति छह करोड़ 48 लाख 30 हजार दो सौ पचास रुपए को कुर्क किया है। अभियुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय व विनोद कुमार उपाध्याय ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर तथा दबंगई के बल पर लोगों की जमीन हड़प लिया था। बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ पीजीआई, सरोजनीनगर, कैंट व आशियाना में कुल 66 मुकदमे दर्ज हैं।




