मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिव्यांगों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रही संस्था ‘दिव्यांग विकास सोसाइटी’ ने सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सोसाइटी ने आगामी 25 मई 2026 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आवास के पास अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। मांगों को गंभीरता से न लिए जाने पर दिव्यांगों ने आगे चलकर आमरण अनशन करने की भी दो टूक चेतावनी दी है।
‘दिव्यांग विकास सोसाइटी’ के जिला अध्यक्ष अनिल कन्नौजिया द्वारा जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, संस्था पिछले लगभग 5 वर्षों से दिव्यांग भाई-बहनों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। इस दौरान शासन और प्रशासन को ज्ञापनों के माध्यम से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन आज तक किसी भी दिव्यांग को किसी प्रकार का कोई ठोस सरकारी लाभ प्राप्त नहीं हो सका है।
दिव्यांग समाज ने सरकार की नीतियों पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने केवल कागजों पर ‘विकलांग’ नाम बदलकर ‘दिव्यांग’ कर दिया, लेकिन उनके जमीनी हालात और समस्याओं में रत्ती भर भी सुधार नहीं आया। इसी उपेक्षा से मजबूर होकर पूरे दिव्यांग समाज ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
संस्था के जिला अध्यक्ष अनिल कन्नौजिया ने स्पष्ट किया है कि यह धरना प्रदर्शन तब तक अनवरत जारी रहेगा, जब तक सभी दिव्यांग भाई-बहनों की समस्याओं का पूर्ण रूप से निस्तारण नहीं हो जाता।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि उनकी लिखित समस्याओं को बेहद गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द उनका समाधान निकाला जाए। “अगर सरकार ने हमारी समस्याओं का त्वरित और ठोस निस्तारण नहीं किया, तो आगे चलकर हम सभी दिव्यांग समाज के लोग आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”




