लखनऊ। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं उद्योग क्षेत्र के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “द्वितीय ज़ोनल गोलमेज सम्मेलन” का आयोजन लखनऊ में किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन मेधा और तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पॉलिटेक्निक छात्रों के कौशल विकास और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए उद्योग जगत के साथ ठोस और सतत साझेदारी स्थापित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत भाषण से हुई, जिसमें मेधा की राज्य प्रमुख सुश्री शीबा जोसेफ ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण एक विशेष पैनल चर्चा रही, जिसमें पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण के महत्व पर विचार विमर्श किया गया। चर्चा का संचालन मेधा के श्री नितेश मिश्रा ने किया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अब छात्रों को अंतिम सेमेस्टर में छह माह तक उद्योगों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जो उन्हें व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
चर्चा में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया श्री सर्वेश्वर शुक्ला (राज्य नोडल अधिकारी, सीएम युवा), श्री नितिन झाम्ब (निदेशक, वधवानी फाउंडेशन) श्री श्री सासीधरन टी (इंडोरमा फर्टिलाइजर्स), श्री आलोक पांडेय (संस्थापक निदेशक, इटेक इनोवेशन फाउंडेशन), प्राचार्य, लखनऊ पॉलिटेक्निक लखनऊ, प्राचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक बाराबंकी।
पैनल चर्चा के बाद एक प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों और प्रधानाचार्यों के बीच खुली बातचीत हुई। इसके पश्चात उद्योगों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत सेतु स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कार्यक्रम में लखनऊ, बाराबंकी और उन्नाव के राजकीय और अनुदानित पॉलोटेक्निक से 15 प्रधानाचार्यों और ट्रेनिंग प्लेसमेंट अधिकारियों ने प्रतिभाग किया साथ ही इंडस्ट्री और अन्य विभाग के 20 प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। मेधा से श्री मुनीश शुक्ला, सगुन, रणजीत, प्रीति थापा, अली रिज़वी और विशेष सिंह ने अपना योगदान दिया।




