मलिहाबाद, लखनऊ।राजधानी के रहीमाबाद थाना क्षेत्र स्थित बेता नाले में भैंस निकालने उतरे 20 वर्षीय युवक सूरज का शव तीसरे दिन गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) टीम की मदद से बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और देर शाम परिजनों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
क्या था पूरा मामला?
दो दिन पूर्व रहीमाबाद थाना क्षेत्र में एक युवक (रोहित) की भैंस बेता नाले में चली गई थी। उसे बाहर निकालने के लिए 20 वर्षीय सूरज नाले में उतरा था, लेकिन पानी के तेज बहाव और तेज धार के कारण वह गहरे पानी में डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना माल, मलिहाबाद और रहीमाबाद के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और एसडीआरएफ की टीम की कड़ी मेहनत के बाद पहले दिन भैंस को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन सूरज का कुछ पता नहीं चल सका था।
हाइवे पर हुआ था प्रदर्शन
घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी सूरज का शव न मिलने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ज्ञानेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जल्द से जल्द शव बरामद करने का भरोसा दिया।
तीसरे दिन मिला शव
शनिवार को तीसरे दिन सुबह लगभग 11:00 बजे, तहसीलदार नितिन सिंह और कानूनगो ज्ञानेंद्र सिंह की मौजूदगी में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर सूरज का शव बरामद कर लिया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक सूरज (20 वर्ष) पुत्र विजय मौर्य, निवासी तराैना, अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसके परिवार में मां, दो बहनें (गीता और मोना) और दो भाई हैं। सूरज से छोटा भाई राज पुणे के एक होटल में कुक का काम कर परिवार का खर्च चलाता था। इस दर्दनाक हादसे के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।





