मलिहाबाद, लखनऊ। (संवाददाता) देशभर में ‘हर घर जल’ पहुंचाने का दावा करने वाली ‘जल जीवन मिशन’ योजना जमीनी स्तर पर कितनी सुस्त है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाके में देखने को मिला है। विकास खंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत रूसैना के तहत आने वाले ग्राम मढ़िया सखई खेड़ा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है।
गाँव के बीच स्थित एक कुटी में रहने वाले एक महात्मा (साधु बाबा) इस भीषण और भयंकर गर्मी में पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। कुटी में पीने के पानी का कोई साधन न होने के कारण बाबा ने जल जीवन मिशन योजना के तहत सिर्फ एक पानी की टोटी (नल) लगवाने के लिए ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार गुहार लगाई। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, फिर भी सो रहा प्रशासन
हैरानी की बात तो यह है कि बुजुर्ग साधु की इस गंभीर समस्या को लेकर बकायदा एक वीडियो बनाया गया और मैसेज टाइप करके सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आएगा, लेकिन हकीकत इसके उलट रही। वीडियो वायरल होने के बावजूद अभी तक किसी भी विभाग, कर्मचारी या उच्च अधिकारी ने इस समस्या का संज्ञान नहीं लिया है।
बड़ा सवाल: जहाँ एक तरफ सरकार हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक साधु को भीषण गर्मी में पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए इस तरह भटकना पड़ रहा है। आखिर कब जागेगा मलिहाबाद का प्रशासनिक अमला?




