बिना केवाईसी खोले गए थे खाते, होती थी विदेशी फंडिंग
ईडी की जांच में ‘घुसपैठ सिंडिकेट’ का सच हुआ उजागर
ए अहमद सौदागर लखनऊ। भारत में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को विदेशी फंडिंग के चलते घुसपैठ कराया जाता था। इसमें बिना केवाईसी बैंक खाते खोलने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और संदिग्ध संस्थाओं के माध्यम से धन के लेनदेन किया जाता था। बीते गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पश्चिम बंगाल, यूपी, दिल्ली और हरियाणा में 17 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी के बाद जांच में यह बात सामने आई हैं।
ईडी की जांच में सामने आया है कि एटीएस द्वारा इस सिंडिकेट के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद भी पश्चिम बंगाल में इसका कारोबार चल रहा था। एनजीओ को विदेश से फंडिंग हो रही थी, उन्होंने करोड़ों रुपये की रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया था। अब ईडी इस मामले में बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है ताकि घुसपैठियों को बसाने, मदरसों और मस्जिदों के निर्माण के लिए हो रही विदेशी फंडिंग को पूरी तरह से रोका जा सके। ईडी जल्द उन बैंकों से भी जवाब-तलब करेगी, जिनके यहां एनजीओ के एफसीआरए खाते खोलकर विदेश से रकम मंगाई जाती थी। साथ ही उन छोटे बैंकों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा, जो बिना केवाईसी घुसपैठियों के खाते खोल रहे थे। बता दें कि इस मामले में ईडी ने बीते गुरूवार को पश्चिम बंगाल, यूपी, दिल्ली और हरियाणा में 17 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर अहम सुबूत कब्जे में लिया था। ईडी की जांच में अब इसका खुलासा हो रहा हैं।




