अवैध तमंचा की छीना-झपटी में चली गोली, हाथ और जांघ में धंसी गोली, लोहिया अस्पताल में भर्ती
घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार, आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज
विजयीपुर गांव के पास हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। विभूतिखंड क्षेत्र के विजयीपुर गांव के बुधवार देर रात को अवैध तमंचा लेकर रील बनाने के दौरान छीना-झपटी में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। खूब गाली-गलौज और मारपीट हुई। लात-घूंसे भी जमकर चले। इस दौरान एक युवक ने दूसरे पक्ष के युवक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मोनू शुक्ला उर्फ रोहित हाथ और जांघ में गोली लगते ही घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को डॉ राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित युवक की तहरीर पर आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड के मुताबिक अस्पताल में भर्ती घायल बाराबंकी जिले के मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र स्थित रंजीतपुर गांव व हाल पता चिनहट क्षेत्र के विधायक चौराहा निवासी 25 वर्षीय मोनू शुक्ला उर्फ रोहित पुत्र स्व विनोद शुक्ला ने पूछताछ में बताया कि 15 दिन पहले सैफ, शान यादव, अक्शीर, सार्थक यादव, डेविड, लकी यादव व दो अज्ञात लोगों के साथ अवैध तमंचा को लेकर रील बनाने के लिए मारपीट हुई थी। पीड़ित मोनू का आरोप है कि उसके हाथ में अवैध तमंचा देकर रील बनाई गई थी तथा उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही थी।
घायल मोनू शुक्ला ने पुलिस को बताया कि वह बुधवार देर रात विजयीपुर गांव के पास बने एक चबूतरे के पास था कि इसी दौरान हमलावर भी मौके पर पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।इसी दौरान अवैध असलहे की छीना-झपटी में गोली चल गई। बताया जा रहा है कि गोली लगने से मोनू शुक्ला उर्फ रोहित गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस घायल को अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
कहीं संगठित गिरोह तो नहीं
बताते चलें कि जिस तरह से घायल मोनू शुक्ला उर्फ रोहित ने पुलिस को अपने बयान में बताया कि 15 दिन पहले भी इन लोगों से मारपीट हुई थी। सभी आरोपित पीड़ित मोनू के जानने वाले हैं। आंशका जताई जा रही है इनका एक संगठित गिरोह है जो अवैध असलहा लेकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के लिए रील बनाते हैं। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता, लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।




