यूपी में चले दो दिवसीय चेकिंग अभियान में वसूले 02 करोड़ 65 लाख 40 हजार रूपये
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर यातायात निदेशालय नें दो दिवसीय सम्पूर्ण प्रदेश में मद्यपान कर वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने को लेकर जिले के नोडल अधिकारी, यातायात एवं क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में परिवहन विभाग के सहायक सम्भागीय अधिकारियों के सहयोग से संयुक्त अभियान संचालित किया।यूपी में बीते वर्षों में घटित सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में घटित कुल सड़क दुर्घटनाओं में से क्रमशः 8.61 प्रतिशत , 6.05 प्रतिशत एवं 3.51 प्रतिशत दुर्घटनाएँ मद्यपान कर वाहन चलाने के कारण हुईं।
आंकड़ों की समीक्षा के दौरान प्रकाश में आया है कि सप्ताहांत पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा नशे की अवस्था में वाहन चलाया जाता है। जिससे मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष रूप से रात्रिकाल में वाहन चालकों एवं निर्दोष नागरिकों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
अभियान के दौरान टोल प्लाजाओं पर प्रत्येक लेन के लिए समर्पित चेकिंग टीमें नियुक्त की गईं तथा उन्हें टॉर्च, रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी वॉर्न कैमरा, लाउड हेलर एवं ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराये गये।इस अभियान में लगी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा “मीट एंड ग्रीट ” की प्रक्रिया अपनाते हुये परिवार के साथ यात्रा कर रही महिलाओं से कुशलक्षेम पूछा गया तथा यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिये समुचित प्रयास किये गये। इसके अतिरिक्त निर्माण सामग्री परिवहन करने वाले डंपर औऱ ट्रकों की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का मौके पर ही सत्यापन किया गया।
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के तहत रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 एमजी प्रति 100 मिलीलीटर औऱ 0.03 प्रतिशत बीएसी से अधिक होने पर वाहन चलाना दण्डनीय अपराध है। ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण में असफल पाये जाने पर प्रथम अपराध के लिये 10,000 रूपये का अर्थदण्ड अथवा 6 माह का कारावास अथवा दोनों तथा पुनरावृत्ति की स्थिति में 15,000 रूपये का अर्थदण्ड अथवा 2 वर्ष का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है।प्रदेश में कुल 135 टोल प्लाजाओं पर यातायात एवं नागरिक पुलिस के कुल 3,645 अधिकारी औऱ कर्मचारी जिनमें 135 निरीक्षक, 270 उपनिरीक्षक, 1,080 मुख्य आरक्षी व आरक्षी (पुरुष), 1,080 मुख्य आरक्षी व आरक्षी (महिला) एवं 1,080 होमगार्ड अभियान में तैनात रहे।
इस अभियान के दौरान कुल 69,683 वाहनों की जाँच की गई तथा मद्यपान कर वाहन चलाते हुए पाये गये 2,654 वाहन चालकों का 02 करोड़ 65 लाख 40 हजार रूपये अर्थदण्ड का चालान किया गया।




