सीतापुर /महोली। (संवाददाता) जिला आपदा विशेषज्ञ श्री हीरा लाल जी के निर्देशानुसार आगामी शीतकाल को देखते हुए, रविवार, 7 दिसंबर 2025 को तहसील महोली की ग्राम पंचायत बरातपुर के ग्राम चन्दपुरवा में शीतलहर से बचाव पर एक महत्वपूर्ण जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन आपदा मित्र आशीष कुमार ने किया, जिन्होंने हाल ही में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), लखनऊ से 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है और एक मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर (MFR) भी हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में आपदा मित्र आशीष कुमार ने अपना परिचय दिया और बताया कि शीतलहर केवल ठंड नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य आपदा है। उन्होंने सरल भाषा में समझाया कि अत्यधिक ठंड से कैसे हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान खतरनाक रूप से गिरना) और फ्रॉस्टबाइट (अंगों का सुन्न होना) जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न होते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से बचाना ज़रूरी है।
प्रस्तुति के दौरान, आशीष कुमार ने SDRF प्रशिक्षण पर आधारित कई महत्त्वपूर्ण सुरक्षा मंत्र दिए।
वस्त्र: उन्होंने ‘परत दर परत’ कपड़े पहनने की सलाह दी, जिससे शरीर की गर्मी बीच में हवा रोककर सुरक्षित रहती है। सिर, हाथ, और पैरों को ढकने पर ज़ोर दिया गया, क्योंकि यहाँ से सबसे ज़्यादा गर्मी निकलती है।
खान-पान: गरम तरल पदार्थ, सूप और काढ़े का लगातार सेवन करने की सलाह दी। साथ ही,शराब का सेवन न करने की कड़ी चेतावनी दी, क्योंकि यह शरीर को गर्मी का झूठा एहसास कराकर आंतरिक तापमान को तेज़ी से कम कर देता है।
सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी घर को गर्म रखने से संबंधित थी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बंद कमरे में अंगीठी, कोयला या हीटर कभी न जलाएं।”इनसे कार्बन मोनोऑक्साइड नामक रंगहीन और गंधहीन ज़हरीली गैस निकलती है, जो मीठी नींद के बहाने जानलेवा हो सकती है। यदि जलाना मजबूरी हो, तो खिड़की/दरवाजा हल्का खुला रखना अनिवार्य है।”
आशीष कुमार ने बच्चों को एक परत ज़्यादा कपड़े पहनाने और बुजुर्गों को अकेला न छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कंपकंपी, भ्रम या तुतलाहट जैसे लक्षण दिखने पर उसे आपातकाल समझा जाए।
कार्यक्रम के अंत में, उन्होंने आपात स्थिति के लक्षण (नीला पड़ना, कंपकंपी) दिखने पर तत्काल गर्म जगह पर ले जाने, गीले कपड़े बदलने और बिना देरी किए डॉक्टर को बुलाने का MFR प्रोटोकॉल समझाया।
जन जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम चन्दपुरवा और बरातपुर के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आपदा मित्र आशीष कुमार ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी आपातकाल के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में, अपनी सेवा में हमेशा उपलब्ध हैं।
इस कार्यक्रम के मौके पर महिलाओं, बच्चों समेत गणमान्य व्यक्ति पुनई, रामखेलावन, गुड्डू सिंह, रामानन्द, रामदयाल, मनीष,अंकित, मुकेश आदि लोग उपस्थित रहे।




