लखनऊ। नाका हिंडोला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा में गुरू ग्रन्थ साहिब महाराज का 421वां पहला प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया।शुक्रवार को यह जानकारी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने दी। वहीं सिक्ख सेवक जत्थे के अध्यक्ष राजवंत सिंह बग्गा ने बताया कि प्रातः का दीवान 5 बजे आरम्भ हुआ। जिसमें शबद कीर्तन गायन करते श्रद्धलुओं के पीछे फूलों की बरखा करते हुए फूलों से सुसज्जित भव्य पालकी निकाली गई। जिसमें साहिब में विराजमान साहिब गुरू ग्रन्थ साहिब महाराज को पुरूष, महिलाएं तथा बच्चे अपने कन्धों पर उठाकर वाहिगुरू का उद्घोष कर रहे थे।इसी क्रम में सुखमणि साहिब सेवा सोसायटी, दशमेश सेवा सोसायटी और सिक्ख यंग मेंस एसोसिएशन के सदस्यों ने भी गुरबाणी कीर्तन का गायन किया।
चौकी कार्यक्रम।के तत्पश्चात गुरू ग्रन्थ साहिब का प्रकाश दरबार हाल में फूलों और एवं बिजली की झालरों से सुसज्जित भव्य संगमरमर की पालकी में किया गया उसके उपरान्त अखण्ड पाठ शुभारम्भ हुआ जो लगातार 48 घन्टे तक चलेगा तत्पश्चात भाई हजूरी रागी राजिन्दर सिंह ने अपनी मधुर वाणी में पवित्र आसा दी वार का अमृतमयी शबद कीर्तन गायन किया।साथ ही ज्ञानी सुखदेव सिंह ने गुरू ग्रन्थ साहिब की महिमा का व्याख्यान किया।कार्यक्रम का संचालन सतपाल सिंह मीत ने किया।आज भी यानी की शनिवार को कार्यक्रम जारी रहेंगे। जिसमें शाम के विशेष कीर्तन समागम में शामिल होने के लिए भाई अमनदीप सिंह हजूरी रागी जत्था गुरुद्वारा बंगला साहिब दिल्ली से विशेष रायंस शामिल होंगे और शाम के कीर्तन समागम में गुरबाणी गायन करके ज्ञान वर्षा करेंगे।




