August 8, 2026 2:23 am

श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस के पर हुआ भगवान की बाल लीलाओं का मधुर वर्णन

मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में चल रही श्री राम कथा का चतुर्थ दिवस के पावन अवसर पर भगवान की बाल लीलाओं का मधुर मय वर्णन किया मां कौशल्या भगवान श्री राम को कैसे खेलाती हैं जन्म के 11वें दिन नामकरण संस्कार हुआ।

महर्षि वशिष्ठ ने प्रसन्नता के साथ सबके नामकरण की संस्कार किया जेष्ठ पुत्र का नाम राम रखा कैकई कुमार का नाम भरत तथा सुमित्रा के एक पुत्र का नाम लक्ष्मण और दूसरे का शत्रुघ्न निश्चित किया उपनिषद में राम नाम की बड़ी सुंदर व्याख्या है !!रमंते योगिनोअनन्ते नित्यानंदे चिदात्ममनि इति रामपदे ना सौ परं ब्रह्माभिधीयते!! अर्थात जिस नित्यानंद स्वरूप अनंत चिन्मात्र परमात्मा में योगी लोग रमण करते हैं वह परम सत्ता ही श्री राम है मां कौशल्या अपने इष्ट देव की पूजा में लग गई नैवेद्य चढ़कर रसोई घर में गई वहां राम जी को भोजन करते देखा माता भयभीत होकर पालने के पास गई वहां राम जी को सोते हु ए देखा माता कौशल्या को भयभीत जानकर भगवान ने हंसकर अपना विराट रूप का दर्शन कराया रोम रोम प्रति लागे कोटि-कोटि ब्रह्मंड जब भगवान बड़े हुए यज्ञोपवीत संस्कार हुआ गुरु जी के यहां भगवान विद्या अध्ययन करने गए वापस आकर भगवान का नित्य का नियम था प्रात काल उठ के रघुनाथा मांतु पिता गुरु नावहिं माथा भगवान श्री राम ने अपने जीवन से जो शिक्षा दी है वह अनुकरणीय है प्रातः काल उठकर माता-पिता गुरुजनों को प्रणाम करना चाहिए उनकी आज्ञा से ही कार्य करना चाहिए विश्वामित्र जी का आगमन हुआ।

राम लक्ष्मण के सहित विश्वामित्र जी अपनी कुटिया में आए ताड़का का उद्धार किया यज्ञ पूर्ण किया अहिल्या का उद्धार करते हुए गंगा मां का दर्शन किया तत्पश्चात जनकपुर में आए रामायण में तीन पुरी का वर्णन है अयोध्या पुरी लंका पुरी और मिथिलापुरी अयोध्या में सब संत हैं एक असंत है लंका पुरी में एक संत है बाकी सब असंत हैं लेकिन जनकपुर में सब संत ही संत हैं जनक जी महाराज आदरपूर्वक भगवान को ले गए भगवान के रूप माधुरी छवि को देखकर पूरे नगर के लोग मोहित हो गए भगवान ने धनुष भंग करके परशुराम के अभियान को शून्य किया अयोध्या सूचना गई पूरी बारात के साथ महाराज दशरथ जी पधारे धूमधाम से भगवान का विवाह संपन्न हुआ चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया इस भजन ने लोगों के मन को मोह लिया अयोध्या धाम से पधारे स्वामी अवधेंद्र प्रपन्नाचार्य जी महाराज सहयोगियों में जितेंद्र दुबे मैनपुरी तबले पर राजू भैया आगरा बैंकिंग में अनूप वाराणसी यज्ञ के आचार्य शशिधर मिश्रा विशेष सहयोग उज्जवल दीक्षित थरी यज्ञ के यजमान डॉक्टर रामनारायण नुरू सपरिवार सपुत्र सहित सम्मिलित हुए मंच पंडाल की व्यवस्था महेंद्र पाल के द्वारा की गई उन्होंने बताया कि कल रात्रि में झांकी भी होना है श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजकों का मनोबल उत्तर बढ़ रहा है।

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