November 3, 2026 9:06 pm

सआदतगंज तिहरा हत्याकांड: पोस्टमार्टम के बाद समर्थकों का गुस्सा फूटा, शवों को रखकर किया प्रदर्शन 

आरोपित को एनकाउंटर करने और बुलडोजर की कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे 

साथी की मौत पर हिंदु संगठन भी आया सामने, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व डीजीपी राजीव कृष्ण को मौके पर आने की कर रहे थे मांग 

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पहुंचे मौके पर, कार्रवाई करने का आश्वासन देकर किसी तरह समझा-बुझाकर कराया शांत 

ब्रह्मणी टोला में हुई सनसनीखेज वारदात का मामला 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। साथी समेत तीन लोगों की गोली मारकर हुई हत्या से नाराज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता मंगलवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मृतक के परिजनों और करीबियों के साथ मिलकर शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने के लिए भरसक प्रयास किया, लेकिन नाराज प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। हालांकि पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले कातिल ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। बताया जा रहा है कि नाराज लोग आरोपित का एनकाउंटर और बुलडोजर की कार्रवाई किए जाने की मांग पर डटे रहे। इसी दौरान शवों को रखकर प्रदर्शन किए जाने की खबर मिलते ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पूरे अमला के साथ पहुंचे और तीनों लोगों के शवों को श्रद्धांजलि देते हुए कार्रवाई करने का आश्वासन देकर नाराज प्रदर्शनकारियों को काफी मशक्कत के बाद शांत कराया, संघ के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण को मौके पर बुलाने के लिए जमे रहे।

सनद रहे कि सआदतगंज के ब्रह्मणी टोला में पार्किंग और बरगद के पेड़ के पास चबूतरा निर्माण के विवाद में सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे आरएसएस के पूर्व जिला सहकार्यवाह 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 55 वर्षीय भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी की पड़ोस में रहने मर्चेंट नेवी से निकाले गए ऋषभ शुक्ला ने अवैध असलहे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर मौत की नींद सुला दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भाग आरोपित ऋषभ शुक्ला को सिपाही कार्तिक ने दौड़ाकर दबोच लिया था। घरवालों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपित ऋषभ शुक्ला और तीन बहनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा, जेसीबी अपराध अपर्णा कुमार सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर गहनता से छानबीन की थी।

बताया जा रहा है कि शिवाजी तिवारी शक्ति भवन से स्टोनो के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू लखनऊ यूनिवर्सिटी में बाबू थे, जबकि शिवाजी तिवारी का बेटा सुयश तिवारी इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाता था।

एक साथ पिता-पुत्र और भाई की गोली मारकर हुई हत्या की खबर मिलते ही मानो चारों ओर कोहराम मच गया था और उनके घर की दहलीज पर सैकड़ों समर्थकों एवं करीबियों की भीड़ जमा हो गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम होने के बाद जैसे ही तीनों शव घर पहुंचा तो समर्थकों और करीबियों का ग़ुस्सा फूट पड़ा। संघ के कार्यकर्ताओं ने घरवालों के साथ शवों को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान नाराज लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि काश पुलिस समय से पहुंच जाती तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

नाराज लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण को मौके पर आने के लिए अड़े रहे और कहना था कि जबतक नहीं आएंगे प्रदर्शन शांत नहीं होगा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपित ऋषभ शुक्ला का एनकाउंटर और बुलडोजर चलवाकर कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे थे। मामला चल रहा था कि इसी दौरान खबर मिलते ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मय काफिले के साथ मौके पर पहुंचे और वे पहले तीनों शवों के पास पहुंचे। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नाराज लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया।

इस दौरान पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा सहित कई पुलिस के आलाधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर सआदतगंज व चौकी प्रभारी पर गिरी गाज

पुलिस कमिश्नर ने जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित 

सआदतगंज के ब्रह्मणी टोला निवासी शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व बेटे सुयश तिवारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा ने इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य व चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

आरोप है कि सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे ब्रह्मणी टोला में गोलियों की बौछार होती रही और स्थानीय पुलिस सोती रही, नतीजतन बेखौफ ऋषभ शुक्ला ने तीन लोगों की जान लेकर परिवार का सहारा छीन लिया।

सआदतगंज के ब्रह्मणी टोला में चबूतरा और पार्किंग में स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल

काश! शिकायत मिलते ही हरकत में आ जाती पुलिस

सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने और वाहन खड़ी करने के विवाद में शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व सुयश तिवारी की हुई हत्या से पहले घरवालों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी थी, लेकिन तहरीर मिलने के बाद इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य व चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया सहित अन्य पुलिसकर्मी बेखबर हो गए थे। काश पुलिस पहले हरकत में आ जाती तो शायद इतना बड़ा खूनी खेल न होता। जिम्मेदार अफसरों ने लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गंभीरता लिया, लेकिन तीन लोगों की जान जाने के बाद। गौर करें तो यह सनसनीखेज मामला तो महज एक बानगी भर इससे पहले भी कई संगीन घटनाओं में राजधानी लखनऊ पुलिस की पोल खुल चुकी है। मलिहाबाद में तिहरा हत्याकांड, काकोरी के हाजी कालोनी में जमीन कारोबारी हाजी कमाल अहमद हत्याकांड या फिर शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में हुई सनसनीखेज के मामलों में भी स्थानीय पुलिस की चौकसी पर सवाल खड़े हो चुके हैं।

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