भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक यादव
पोस्टमार्टम हाउस पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा
लड़खड़ाते कदम से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव
छावनी में तब्दील पोस्टमार्टम हाउस, इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह भी दल-बल के साथ पहुंचे मौके पर
ए अहमद सौदागर लखनऊ। विक्रमादित्य मार्ग मकान नं 8/2 में बुधवार सुबह अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 39 वर्षीय भाई प्रतीक यादव की मौत हो गई। सांस थमने की खबर मिलते ही चन्द्रशेखर और राहुल पाठक ने हजरतगंज स्थित सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के मुताबिक मामले की गहनता से छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर भाई अखिलेश यादव, चाचा शिवपाल सिंह यादव व सपा नेत्री डिंपल यादव सहित मानो पूरे सैफई परिवार में कोहराम मच गया। वहीं बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, लेकिन उनकी पत्नी अपर्णा यादव घर पर नहीं थीं। अपने भाई प्रतीक यादव की मौत की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित भारी संख्या में लोग उनके आवास एवं पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव जैसे ही पोस्टमार्टम हाउस के भीतर दाखिल हुए तो वह भाई की दशा देख फफक पड़े। वहीं जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई सपा नेता प्रतीक यादव की मौत की खबर मिली तो सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र कुमार सेंगर सहित कई पुलिस के आलाधिकारी भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और और पोस्टमार्टम हाउस के भीतर जाने की इजाजत चुनिंदा लोगों को ही दी।
प्रतीक यादव की मौत से पूरे सैफई परिवार में मचा कोहराम
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी से संस्थापक एवं संरक्षक स्व मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक यादव का 39 साल की उम्र में निधन हुआ तो मानो चारों ओर चीख-पुकार मच गई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सिसकियां भरते हुए कहा कि उनका भाई बहादुर और कर्मठ था। उन्होंने कहा कि हम कानून और प्रक्रिया का सम्मान करते हैं जो परिवार फैसला लेगा उनके लिए मान्य होगा। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर उनके आवास और पोस्टमार्टम हाउस पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।




