लखनऊ। राजधानी में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। जहाँ एक ओर प्रशासन जल संरक्षण और सुलभ पेयजल के दावे कर रहा है, वहीं लखनऊ तहसील की ग्राम सभा फतेहपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ लाखों की लागत से लगा कैंट आरओ (Cantt RO) प्लांट पिछले कई सालों से सफेद हाथी साबित हो रहा है।
फतेहपुर ग्राम सभा में लगा यह आरओ प्लांट देखरेख के अभाव में अब महज एक ‘शो-पीस’ बनकर रह गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में जब गला सुखाने वाली लू चल रही है, तब यह प्लांट बंद पड़ा है।
राहगीरों की मुसीबत: मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण यहाँ से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीर ठंडे पानी की उम्मीद में रुकते हैं, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें मायूस होकर आगे बढ़ना पड़ता है।
ग्रामीणों का आक्रोश: गांव वालों का आरोप है कि सालों से यह सिस्टम खराब है, लेकिन संबंधित विभाग या ग्राम पंचायत ने इसे ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई।
वर्तमान में तापमान 42-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। ऐसे में शुद्ध और ठंडे पेयजल की अनुपलब्धता के कारण लोग दूषित पानी या दूर-दराज के हैंडपंपों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि:
“सरकार ने जनता की सुविधा के लिए पैसा खर्च किया, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से आज हम इस भीषण गर्मी में प्यासे मरने को मजबूर हैं। अगर यह आरओ प्लांट चालू होता, तो कम से कम राहगीरों को तो राहत मिलती।”
प्रमुख मांगें:
तत्काल मरम्मत: ग्राम सभा फतेहपुर के इस आरओ प्लांट को तुरंत ठीक कराकर चालू किया जाए। जवाबदेही तय हो: इतने सालों तक जनता की संपत्ति को बर्बाद होने देने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो। वैकल्पिक व्यवस्था: जब तक प्लांट ठीक नहीं होता, तब तक सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाए।
अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन और जल निगम इस खबर के बाद नींद से जागते हैं या फतेहपुर की जनता इस गर्मी में इसी तरह प्यासी ही रहती है।




